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कम बरसात फिर भी बढ़ी मौसमी बीमारियां, 9 हजार मरीज बढ़े

- चिकित्सालय में नहीं लगे सीसीटीवी कैमरे - बांगड़ अस्पताल में लग रही मरीजों की कतार, सुरक्षा के नहीं इंतजाम
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Seasonal diseases increased even after less rain, 9 thousand patients

कम बरसात फिर भी बढ़ी मौसमी बीमारियां, 9 हजार मरीज बढ़े

पाली। इस बार बरसात कम हुई है। इसके बावजूद बांगड़ अस्पताल में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ गई हैं। मरीजों की सुबह से ही लम्बी लाइने लगनी शुरू हो जाती हैं। हालात यह है कि मरीजों को डॉक्टर को दिखाने में एक घंटे से अधिक समय तक कतार में खड़े रहना पड़ता है। इधर, जून में 2 व जुलाई में 2 मलेरिया के मरीज सामने आए। अस्पताल में इन दिनों वायरल बुखार, उल्टी-दस्त, सर्दी जुकाम के मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। जून माह के बाद पिछले दो माह में आउटडोर में मरीजों की संख्या में करीब नौ हजार की बढ़ोत्तरी हुई हैं।

मौसम मुख्य वजह
बांगड़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि मौसम परिवर्तन होने पर मौसमी बीमारियां फैलती हैं। दिन में गर्मी व रात में ठंडक होने से सर्दी जुकाम हो जाता है। पानी के बदलाव से उल्टी-दस्त की शिकायत होती है। बारिश में वायरल फैलने से बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। इधर बरसात भले ही कम हुई है, लेकिन कई जगह पानी का भराव हो गया है। मच्छरों की भरमार हो गई है। इस कारण भी बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
सबसे अधिक मरीज इस माह
बांगड़ अस्पताल में जनवरी में 42 हजार 239, फरवरी में 41 हजार 440, मार्च में 39 हजार 499, अप्रेल में 37 हजार 53, मई में 39 हजार 218, जून में 36 हजार 781, जुलाई में 45 हजार 912 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। जून में बारिश का सीजन शुरू हो गया था। अगस्त के अंत तक अस्पताल में करीब 45 हजार मरीज पहुंचे हैं। यह आंकड़ा अब बढ़ सकता है।

मरीजों की सुरक्षा की किसी को परवाह नहीं सीसीटीवी के लिए निरस्त हो चुके हैं टैंडर
मरीजों की कट चुकी है जेब, सुरक्षा पर सवाल
पाली. जिले के सबसे बड़े बांगड़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन कॉलेज प्रशासन मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। चौकान्ने वाली बात यह है कि अस्पताल में एक भी सीसीटीवी मरीजों की सुरक्षा के लिए नहीं है। जबकि कई बार यहां मरीजों के जेबें कट चुकी है। अस्पताल प्रशासन ने सरकार को इसके लिए लिखा भी था, लेकिन सरकार ने नहीं सुनी।
लगने थे 25 सीसीटीवी
बांगड़ अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा के लिए 25 सीसीटीवी लगने थे। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने गत दिनों प्रक्रिया चालू करते हुए टैंडर करवाए थे, लेकिन सरकार ने यह कहते हुए टैण्डर निरस्त करवा दिए कि सरकार खुद अपने स्तर पर अस्पताल में सीसीटीवी लगवाएगी। इसके बाद न तो सरकार चेती और न ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन। अब दिक्कत यह है कि मरीजों की जेब पर चोर डाका डाल रहे हैं। गत सप्ताह एक मरीज के परिजन की जेब से 50 हजार रुपए चोरी हो गए। चोरों का सुराग नहीं लगा। अस्पताल में आए दिन ऐसी घटनाएं होती रहती है, जिनके मुकदमें भी दर्ज नहीं होते। इसकी शिकायतें अस्पताल प्रशासन के पास भी पहुंचती है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।
समाजकंटकों का आतंक
मरीजों के परिजनों की माने तो अस्पताल में समाजकंटकों का भी आतंक रहता है। भीड़ के समय ये लोग उत्पात मचाते हैं। रात में भी मरीजों से छेड़छाड़ व उनके परिजनों से मारपीट की शिकायतें मिली है। सीसीटीवी नहीं होने से इनकी पहचान नहीं हो पाती है। अस्पताल परिसर में स्थित पुलिस चौकी से इन शिकायतों का निवारण नहीं हो रहा है।

अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रपोजल भेजेंगे
हां यह सहीं है कि इन दिनों ओपीडी बढ़ी है। इसकी मुख्य वजह अभी मौसम में बदलाव आना है। अस्पताल में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे जरूरी है। इसके लिए सरकार को प्रपोजल भेजा जाएगा।
केसी अग्रवाल,
प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, पाली।