
कृषि मंडी में खरीदारी शुरू, मेहंदी फसल की कटाई का कार्य जोरों पर
सोजत । सोजत की आर्थिक जीवन रेखा की मुख्य आधार मेहंदी की नई फसल की आवक शहर की कृषि उपज मंडी में शुरू हो चुकी है। नए माल को खरीदने के लिए मंडी में मेहंदी व्यापारियों की भी चहल-पहल रहती है। किसान हितों को देखते हुए मंडी प्रशासन ने फसल की खुली नीलामी भी हो रही है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में मेहंदी बोरों की आवक मंडी में शुरू हो गई है। नए माल को देखते हुए नई फसल के बोरे भी बिकने शुरू हो गए हैं। मेहंदी व्यवसायी जुगलकिशोर निकुंम ने बताया कि मंडी में नए बोरों की आवक को लेकर व्यापारियों में खरीदारी की उत्सुकता देखने को मिल रही है। मेहंदी की नई फसल के बोरे अधिकतम 2300 से 4000 रुपए प्रतिमण बिकवाली है। औसत भाव 1500 रूपए प्रतिमण है। काश्तकार भंवरलाल सैणचा ने बताया कि इन दिनों मेहंदी फसल की कटाई का दौर सोजत क्षेत्र में जोरों पर है इसलिए आगामी दिनों में मेहंदी की नई फसल के बोरों की आवक में और भी बढ़ोतरी संभावित है। वर्तमान में मेहंदी की फसल कटाई के लिए प्रति मजदूर आठ सौ से पंद्रह सौ रुपए मजदूरी है।
उत्पादक क्षेत्र
पाली जिले का सोजत व मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र वर्षों से मेहंदी के व्यावसायिक उत्पादन का मुख्य केन्द्र है। यहां करीब चालीस हजार हेक्टर भूमि पर मेहंदी की फसल बोई जाती है। सोजत में मेहंदी की मंडी व पत्तियों का पाउडर बनाने तथा पैकिंग के कई कारखाने व गोदाम है। सोजत की मेहंदी अपनी रचाई क्षमता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। सोजत से विदेशों में बड़े स्तर पर मेहंदी निर्यात की जाती है।
सोजत की मेहंदी का हैं विशेष महत्त्व
मेहंदी एक बहुवर्षीय झाड़ीदार फसल है जिसे व्यावसायिक रूप से पत्ती उत्पादन के लिए उगाया जाता है। मेहंदी प्राकृतिक रंग का एक प्रमुख स्त्रोत है। शुभ अवसरों पर मेहंदी की पत्तियों को पीस कर सौन्दर्य के लिए हाथ व पैरों पर लगाते है। सफेद बालों को रंगने के लिए भी मेहंदी की पत्तियों का प्रयोग किया जाता है।
Published on:
17 Oct 2019 11:14 am
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