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पशुओं के लिए सोशल मीडिया बना सहारा

तलाई बना भरा पानी
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पाली

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Vivek Varma

Jun 05, 2019

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पशुओं के लिए सोशल मीडिया बना सहारा

खिंवाड़ा. जंगलों में बेसहारा घूम रहे मूक पशुओं व पक्षियों के लिए इस भंयकर गर्मी के दौर में सोशल मीडिया सहारा बना। जंगलों में स्थित नाडे व तालाब सूख जाने के बाद एक व्हाटसएप ग्रुप की पहल पर महज एक पखवाड़े में ही खारड़ा गांव की गोचर भूमि में पानी की तलाई का निर्माण करवा दिया गया। खारड़ा गांव के सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश हिरावत ने बताया कि गत १५ मई १७ को व्हाटसएप पर खारड़ा विकास मंडल के नाम से एक ग्रुप बनाया गया था। जिसमें गांव के सभी कौम के युवाओं के साथ ही सामाजिक कार्यकर्ताओं को इससे जोड़ा गया। गत वर्ष क्षेत्र में वर्षा के अभाव में इस वर्ष जंगल में पशु-पक्षियों के सामने पानी का संकट को देखते हुए गत दिनों युवाओं को जागरूक किया गया। इसके बाद भामाशाहों के सहयोग से गांव के बाहर गोचर भूमि में एक तलाई का निर्माण करवा गया। सोमवार को सरपंच किशोरसिंह राठौड़ व ग्रामीणों की उपस्थिति में नवनिर्मित तलाई में गोमाता की जयकारों के साथ पानी भरा गया। इस मौके पर व्हाटसएप ग्रुप के एडमिन मुकेश हीरावत, फूलभारती गोस्वामी, पूर्व उप सरपंच हरिसिंह डुंगरोत, कस्तुरराम सेन, ढलाराम देवासी सहित कई जने उपस्थित थे।
इनका रहा सहयोग

सरपंच केप्टन किशोरसिंह राठौड़, जन्मजयसिंह राठौड़ एंव मुकेश हिरावत के नेतृत्व में सुनील सोलंकी, राजू सोलंकी, रतन होम्बर, मांगीलाल गोमतीवाल, घेवर देवासी, छगनलाल घांची, उम्मेदमल गोमतीवाल, घीसूलाल सेन, मेघराज नागर, लक्ष्मण कुमावत, दिलीप गोमतीवाल, धनराज नागर, ताराराम सीरवी, नेमाराम सीरवी, हीरा भारती गोस्वामी, कमलसिंह राठौड़, मदनलाल जैन, रतनलाल कुमावत, हरिलाल सोलंकी, चिमनलाल गोमतीवाल, जसराम सीरवी सहित सैकड़ों युवाओं ने सहयोग किया।
पूर्व उप मुख्य सचेतक ने उठाई समानुपातिक जल वितरण की मांग
पाली. पूर्व सरकारी उपमुख्य सचेतक मदन राठौड़ ने जलदाय विभाग से पेयजल वितरण व्यवस्था में दोहरी नीति नहीं अपनाने की मांग की है। उन्होंने पेयजल का वितरण व्यवस्थित व समानुपातिक तरीके से करने का अनुरोध किया है। ताकि शहरी एवं ग्रामीण नागरिकों को प्रतिव्यक्ति समानरूप से पेयजल उपलब्ध हो सके। राठौड ने जवाईबांध में पेयजल उपलब्धता की कमी को दृष्टिगत रखते हुए भविष्य में ऐसा संकट नहीं आएं। इसके लिए, जवाई पुनर्भरण योजना को यथाशीघ्र पूरा करवाने पर जोर दिया।