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गांवों के कचरे का होगा निस्तारण, खाद भी बनेगी

- स्वच्छ भारत मिशन के तहत अब गांव में भी सफाई व्यवस्था सुचारु होगी - साढे सात लाख से 20 लाख रुपए प्रत्येक ग्राम पंचायत को मिलेंगे
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The waste of the villages will be disposed of, manure will also be mad

गांवों के कचरे का होगा निस्तारण, खाद भी बनेगी

पाली । स्वच्छ भारत मिशन के तहत सरकार ने ठोस कार्य योजना शुरू की है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घरों से निकलने वाले ठोस और तरल कचरे का अलग-अलग निस्तारण होगा। जिले के 321 ग्राम पंचायतों में से 293 ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव जिला परिषद के पास आ गए हैं। 28 ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव अभी आने हैं। सभी ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव जयपुर भेजे जाएंगे। वहां से स्वीकृति मिलने पर काम शुरू हो जाएगा।

आबादी के हिसाब से मिलेगी राशि
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक 150 घरों की आबादी वाले गांव को 7 लाख 50 हजार रुपए, 150 से 300 घरों वाली आबादी को 10 लाख, 300 से 500 घरों की ग्राम पंचायत को 15 लाख व 500 से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायत को 20 लाख रुपए दिए जाएंगे।

डेढ़ सौ घरों का कचरा संग्रहण करेगी ट्रॉली
योजना के तहत डेढ़ सौ घरों पर कचरा संग्रहण के लिए ट्रॉली रहेगी। जो घरों के बाहर या गांव में रखे डस्टबिन से अलग अलग कचरा संग्रहण करेगी। गांवों में कचरा संग्रहण के लिए व्यक्ति लगाए जाएंगे। इसके तहत कांच वाले पदार्थ, प्लास्टिक, गोबर और फूल पत्ती का अलग-अलग निस्तारण होगा। इनसे कम्पोस्ट खाद बनाई जा सकेगी।

शौचालय बनेंगे
ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा। ग्रामीणों की सुविधा के लिए ग्राम पंचायत पर सामुदायिक शौचालय व मूत्रालय का निर्माण करवाया जाएगा। इनमें नियमित सफाई होगी।

गांव के बाहर बनेगा गड्ढा
अब तक गांवों में घरों से निकलने वाला गंदा पानी रास्तों पर ही फैलता था, जिससे गांव में कीचड़ जैसे हालात बनते हैं। इस समस्या के निस्तारण के लिए तरल कचरे के लिए गांव के बाहर एक बड़ा गड्ढा बनाकर नालियों से निकलने वाले गंदा पानी का निस्तारण किया जाएगा।

प्रस्ताव जयपुर भेज रहे हैं
321 में 293 ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव मिल गए है। दूसरी ग्राम पंचायतों के भी तीन चार दिन में प्रस्ताव आ जाएंगे। यह प्रस्ताव जयपुर भेजे जाएंगे। वहां से स्वीकृति आने के बाद इस पर काम शुरु होगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत में साढ़े सात लाख से लगाकर 20 लाख रुपए खर्च होंगे। इससे गांवों की सफाई व्यवस्था अच्छी होगी।
हरिराम मीणा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद पाली

संवरेगी गांव की तस्वीर
स्वच्छ भारत मिशन के इस प्रयास से गांवों की तस्वीर संवर सकेगी। इसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत पर 7 लाख 50 हजार से लगाकर 20 लाख रुपए खर्च होंगे।
ए.के. सोनगरा, अधिशासी अभियंता, स्वच्छ भारत मिशन