दो विभाग और दोनों में कोई तालमेल ही नहीं

दो विभाग और दोनों में कोई तालमेल ही नहीं

Rajeev Dave | Updated: 12 Jun 2019, 07:00:00 AM (IST) Pali, Pali, Rajasthan, India

ताजी हवा को तरस रहे पालीवासियों के मंसूबों पर पानी फेर रहा डिस्कॉम

-प्रदूषण नियंत्रण मंडल कटवाता है कनेक्शन, डिस्कॉम फिर जोड़ देता
-नियम तोडऩे में करीब 61 फैक्ट्री मालिक या उद्यमी है आदतन

राजेन्द्रसिंह देणोक

केस-1. जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा सोमवार रात केरिया दरवाजा क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे कपड़ों के थान धुलाई और रंगाई-छपाई के जिस प्लांट पर कार्रवाई की गई, उसका वर्ष 2015 व 2018 में बिजली कनेक्शन कटवाया गया था। वजह यही थी अवैध रूप से रंगाई-छपाई और प्रदूषण फैलाना। मजे की बात, बिजली कनेक्शन हर बार जोड़ दिया गया।

केस-2. प्रदूषण मंडल द्वारा पिछले दिनों बॉम्बे फैल्ट नाम से संचालित औद्योगिक इकाई के खिलाफ पिछले दिनों कार्रवाई की गई। इकाई का संचालन अवैध रूप से हो रहा था। मजे की बात, नियमों की अवहेलना करने के कारण प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने जून 2018 में बॉम्बे फैल्ट की बिजली सप्लाई बंद करने के निर्देश दिए थे। डिस्कॉम ने बिजली सप्लाई जारी रखी। पिछले दिनों हुई मंडल की कार्रवाई में डिस्कॉम की यह कारगुजारी सामने आई।

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पाली. ताजी हवा को तरस रहे पाली शहर के मंसूबों पर डिस्कॉम पानी फेरने में लगा हुआ है। डिस्कॉम ने ऐसे उद्यमियों अथवा लोगों को बिजली कनेक्शन कई मर्तबा दे दिए, जिनके यहां कपड़े की रंगाई-छपाई या धुलाई का काम अवैध रूप से कई बार पकड़ में आया। प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा आगाह करने के बावजूद डिस्कॉम अधिकारियों के कानों पर जूं नहीं रेंगी है। नतीजतन, जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण मंडल के डंडे का असर खत्म-सा हो गया है।
कपड़ा नगरी पाली में प्रदूषण की समस्या चरम पर है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों के बावजूद उद्यमियों की काली करतूतें थम नहीं रही हैं। आए दिन रंगाई-छपाई के अवैध प्लांटों का भांडा फूट रहा है। लाख चेतावनियों के बाद भी अवैध कारोबार थम नहीं रहा है। कहीं अवैध रूप से कपड़ों के थान धुल रहे हैं तो कहीं इकाइयां ही अवैध रूप से चल रही है। ऐसे में समूचे कपड़ा उद्योग को बदनामी का दंश भुगतना पड़ रहा है। शहरवासियों को प्रदूषण की मार भी झेलनी पड़ रही है।

पांच दर्जन लोग है आदतन

प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने पांच दर्जन लोगों अथवा उद्यमियों को चिह्नित किया है जो आदतन है। इनके यहां अक्सर रंगाई-छपाई या धुलाई का काम अवैध होते पाया गया। ऐसे फैक्ट्री या प्लांट के बिजली कनेक्शन काट दिए जाते हैं, लेकिन उनके यहां फिर से बिजली कनेक्शन जुड़ जाता हैं। यह सिलसिला लम्बे समय तक चलता है। बिजली की नियमित आपूर्ति के कारण रंगाई-छपाई और धुलाई का अवैध कारोबार कभी थमा नहीं है। कई बार यह भी सामने आया है कि डिस्कॉम अधिकारियों ने आंखें मूंद कर अवैध कारोबारियों को बिजली कनेक्शन दिया है।

डिस्कॉम को लिखेंगे
ऐसे कई लोग है जिनके यहां कई मर्तबा कार्रवाई हुई। फिर भी उनकी करतूत थमती नहीं है। इसका बड़ा कारण है बिजली सप्लाई शुरू होना। वे नए नाम से बिजली कनेक्शन ले लेते हैं। ऐसे कई मामले सामने आए हैं। इस बारे में डिस्कॉम के अधिकारियों को लिखेंगे।

अमित शर्मा, आरओ, प्रदूषण नियंत्रण मंडल, पाली

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