4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

लाखों रुपए कर दिए बर्बाद : जंगल में बना दिए टॉयलेट

निर्जन स्थानों पर लगे शौचालय में घुसने में भी लगता है भय -शौचालय काम भी नहीं आए - खुले हौज न बन जाए हादसे के पर्याय
2 min read
Google source verification

पाली

image

Rajeev Dave

Oct 23, 2018

pali news toilet

लाखों रुपए कर दिए बर्बाद : जंगल में बना दिए टॉयलेट

सादड़ी. खुले में शौचमुक्ति एवं प्रत्येक वार्ड को ओडीएफ घोषित करने की कवायद में प्रदेश व केन्द्र सरकार से पालिकाओं को लाखों रुपए का बजट सार्वजनिक शौचालय को लेकर दिया। पुख्ता मॉनिटरिंग के अभाव में इस राशि का भरपूर दुरुपयोग हुआ। पालिका क्षेत्रों में इन शौचालय का लोकार्पण व उपयोग तक नहीं हुआ, उससे पहले घटिया निर्माण सामग्री से निर्मित ये शौचालय जबाव देने लगे हैं। इक्कादुक्का शौचालय आमजन के उपयोग आ रहा है। अन्य निर्जन स्थलों पर लगाए फाइबर शौचालय नाकारा साबित हो रहे हैं। इन शोचालय के पॉट मिट्टी से भरे हैं। इनके चारों ओर घास, कंटीली झाडिय़ां पसरी हुई हैं। जिनमें शौच के लिए जाने से भी भय लगता है। इनमें से कई शौचालय में तो आज तक पानी की व्यवस्था नहीं होने से पाइप लाइन व नल भी चोरी हो गए। कई शौचालय के दरवाजे टूटने की कगार पर हैं। बोडऱ् में बार-बार जल व्यवस्था को लेकर उठे सवाल पर पिछले दिनों इन सभी शौचालय में जलापूर्ति को लेकर बनाए हौज पर दरवाजे व्यवस्थित नहीं होने से ले हरपल हादसे का भय रहता है। मुख्यमन्त्री बजट घोषणा व स्वच्छ भारत मिशन के तहत पालिका क्षेत्र में प्रत्येक वार्ड में सार्वजनिक शौचालय निर्माण के लिए करीब 15-20 लाख रुपए से फाइबर शौचालय खरीद किए गए। जो पालिका क्षेत्र में डेढ़ दर्जन स्थानों पर लगवाए गए। पालिका क्षेत्र में कई वाडऱ्ों में तो इन शौचालय का जल अभाव के कारण उपयोग तक नहीं हुआ। जिनकी टंकी अव्यवस्थित ढंग से पड़ी है। नल, पाइप लाइन चोरी हो गए। कई शौचालय के सेफ्टी टैंक अस्त-व्यस्त पड़े हैं। दरवाजे टूट रहे हैं।

पार्षदों की जुबानी
पार्षद सोहनलाल प्रजापत ने बताया कि उनके वार्ड में लगाए शौचालय पर आज तक पानी की व्यवस्था नहीं हुई। दरवाजे टूट रहे हैं। निर्जन स्थल पर लगाए शौचालय का उपयोग नहीं हो रहा है। आसपास घास व कंटीली झाडियां पसर रही हैं। हौज का निर्माण ऐसा हुआ कि हर पल हादसे का डर रहता है। पालिका ने स्वार्थों की पूर्ति कर अव्यवस्थित शौचालय पर भी ठेकेदार को भुगतान कर दिया।

नाकारा पड़े हैं

वार्ड पार्षद सरोज देवासी ने बताया कि एक पार्षद की प्रतिष्ठा को लेकर राणकपुर सडक़ मार्ग पर लगाया सार्वजनिक शौचालय आज भी नकारा हालात में है। जिसकी बोर्ड बैठक में शिकायत व हटाने के प्रस्ताव के बावजूद पालिका ने आजतक व्यवस्थित नहीं किया।

आज भी खुले में शौच जा रहे हैं

ग्रामीण नारायण देवासी रेबारियों का झूपा उपबस्ती मीणा झूपा ने बताया कि हमारे क्षेत्र के लोग आज भी खुले में शौच जा रहे हैं। ओडीएफ घोषित होने से शौचालय निर्माण को लेकर भी राशि मुहैया नहीं हो रही है। दूसरी ओर सार्वजनिक शौचालय लगाने की मांग उठाई तो पालिका ने आजतक सुध नहीं ली। सरकार की राशि के दुरुपयोग पर शिकायत की जाएगी।