
कृषि कनेक्शन की कछुआ चाल से ऐसे टूट रहा है भूमि पुत्रों का ख्वाब
पाली. प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों को लुभाने के लिए लगातार कृषि कनेक्शन का बैंकलॉग पूरा करने का वादा कर रही हैं, लेकिन यह वादा टूटता नजर आ रहा है।
अकेले जोधपुर डिस्कॉम के दस जिलों में 15 जुलाई तक 30 हजार कृषि कनेक्शन जारी करने है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि एक हजार कनेक्शन भी नहीं हो पाए हैं। इस देरी का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है। बारिश की कमी होती है तो वे खरीफ की फसल को अपने कुएं से नहीं सिंच पाएंगे।
सरकार ने चुनावी साल में किसानों को लुभाने के लिए अकेले जोधपुर डिस्कॉम के जोधपुर, पाली, जालोर, सिरोही, बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, चुरु, श्रीगंगागनर व हनुमानगढ़ में 65 हजार कृषि कनेक्शन देने का वादा किया। वादे के अनुसार 15 जुलाई तक 30 हजार कृषि कनेक्शन जोड़ देने थे, लेकिन डिस्कॉम अधिकारियों की ढिलाई के कारण अब तक एक हजार कनेक्शन ही जुड़ पाए हैं। यह काम समय पर पूरा होना मुश्किल है। किसान डिस्कॉम से यहां तक कह चुके हैं कि वे उपकरणों को खेत तक ले जाने के लिए अपने साधन लगाने को तैयार है, बावजूद इसके डिस्कॉम पूरी तरह तैयार नहीं है।
बारिश में कमी हुई तो परेशानी
इन दिनों किसान खरीफ की बुवाई में व्यस्त है। आने वाले दिनों में किसी स्थिति में मानसून कमजोर होता है तो खरीफ की फसल को सिंचाई के लिए किसानों को कृषि कनेक्शन की जरूरत पड़ सकती है। किसान भी इसी आस में बैठा है कि यह काम जल्द से जल्द पूरा हो जाए।
देरी पड़ रही भारी
15 जुलाई तक 30 हजार कनेक्शन जारी करने है, लेकिन काम बेहद धीमा चल रहा है। यह देरी किसानों पर भारी पड़ रही है। कृषि कनेक्शन को लेकर हर बार किसानों के साथ धोखा होता है।
- तुलछाराम सिंवर, आंदोलन सह-संयोजक, भारतीय किसान संघ।
काम चल रहा है
दो पार्ट में डिमाण्ड भरे गए हैं। इसका काम चल रहा है। पूरे साल का टारगेट है। अकेले पाली जिले में 3 हजार कनेक्शन जोडऩे हैं। अब काम गति पकड़ेगा।
- घनश्याम चौहान, एसइ, डिस्कॉम, पाली
Published on:
04 Jul 2018 01:49 pm
