
परिजनों ने एसपी व कलक्टर को ज्ञापन सौंपा
पाली. तस्कर खरताराम की आत्महत्या का मामला लगातार उलझता जा रहा है। शनिवार रात मृतक के परिजनों ने कलक्टर से वार्ता की, जो विफल रही। नतीजा नहीं निकला। इधर, देर रात बाड़मेर से मृतक के समर्थकों की दो दर्जन गाडिय़ा जाट छात्रावास पहुंची। पुलिस को सूचना मिली कि इसमें कुछ गाडिय़ां तस्करों की भी हो सकती है। इस पर पुलिस ने सर्च शुरू किया। इस पर एक दर्जन गाडिय़ों को लेकर समर्थक भाग गए।
छात्रावास के बाहर भारी पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है। वहां से आने-जाने वाले हर वाहन की तलाशी ली जा रही है। इस मामले में दिन में परिजनों ने एसपी व कलक्टर को ज्ञापन सौंपा, लेकिन बात नहीं बनी। रात में जिला कलक्टर सुधीर कुमार से परिजन फिर मिले, लेकिन मांगों पर सहमति नहीं बनी। कलक्टर से न्यायिक मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी से जांच करवाने की बात कही, लेकिन परिजन सीबीआई जांच की मांग पर अड़ गए। कांग्रेस नेता धर्मेन्द्र काला, मेहराम जाट, देवाराम गोदारा, चेतनराम, पेमाराम आदि मौजूद थे।
साढ़े पांच माह बाद भी तीन आरोपी गिरफ्तार
रंजिश के चलते बीस फरवरी को हरीश जाखड़ का अपहरण कर जोधपुर में हत्या की गई थी। जोधपुर के प्रतापनगर थाने में ग्यारह जनों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कराया गया था। पुलिस अब तक तीन आरोपियों को ही पकड़ पाई है। इसमें से अरुण हुड्डा को पाली की रायपुर थाना पुलिस ने पकड़ा था। जबकि खरताराम की मौत हो चुकी है। साढ़े पांच महीने बाद भी सात आरोपी फरार हैं।
युवक गिड़गिड़ा रहा था, लेकिन खरताराम पीटने के साथ रिकॉर्डिंग करता रहा
खरताराम ने अपने गिरोह के साथ मिलकर पुरानी रंजिश के चलते बीस फरवरी को जोधपुर में हरीश पर हमला करने का वीडियो भी बनाया था। जिसे उसने स्थानीय व्हॉट्सऐप गु्रप में वायरल कर दिया था। अधमरा होने पर हरीश को वाहन में डालकर कवास के पास पटक कर छोड़ भागे थे। आस-पास के लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया था, फिर उसकी मृत्यु हो गई थी।
साथी ने भी दी थी खुद को गोली मारने की धमकी
तस्कर खरताराम पर हथियार सप्लाई का भी आरोप है। पुलिस के अनुसार गत १७ जुलाई को बर में पुलिस पर फायरिंग के मामले में खरताराम फरार हो गया था। पुलिस ने मौके से पिस्टल सहित अरुण हुड्डा को गिरफ्तार किया था। उसने पूछताछ में खुलासा किया था कि एक अन्य व्यक्ति के मार्फत उसे यह पिस्टल खरताराम ने दिलाई थी। अरुण ने भी इस दौरान पुलिस को धमकी दी थी कि उसे पकड़ा तो वह खुद को गोली मार देगा। अरुण हुड्डा भी खरताराम गैंग का ही था।
Published on:
05 Aug 2018 01:36 am
