
प्रमोद दवे
रोहट। रोहट कस्बा कहने को तो उपखंड मुख्यालय है। लेकिन, पानी के मामले में यहां हालात खस्ता ही है। रोहट ही नहीं, पूरे चौराई क्षेत्र के गांव-कस्बों में सात दिन में महज एक बार ही जलापूर्ति हो रही है। वो भी अपर्याप्त। ऐसे में लोगों को निजी टैंकरों पर आश्रित रहना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, कहने को तो जोधपुर के कुड़ी से रोहट तक पानी लाने के लिए बिछाई गई पाइप लाइन की बीते दिनों मरम्मत की गई थी। लेकिन, पाइप लाइन से क्षेत्रवासियों को पानी अब तक नसीब तक नहीं हो पाया।
दरअसल, इस वर्ष बारिश कम होने से चौराई क्षेत्र में जलसंकट है। रोहट कस्बे में 6 से 7 दिन में एक बार पानी आता है वो भी मात्र दो घंटे के लिए। इससे ग्रामीणों की प्यास ही नहीं बुझ पाती। मवेशी भी प्यासे मर रहे हैं। गांवों में तो हालात और भी ज्यादा खराब है। जबकि, जब अकाल की स्थिति हुई थी तब तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पाइप लाइन बिछवाकर गिनती के दिनों में जोधपुर से रोहट पानी पहुंचाया था। इस पाइप लाइन के जरिए रोहट से पाली व सोजत पानी पहुंचाया गया था।
नए लगाए पाइप, फिर भी नहीं मिला पानी
पिछले दिनों जब कुड़ी से रोहट तक बिछाई गई ये पाइप लाइन खस्ताहाल में पहुंच गई तो लोगों ने जनप्रतिनिधियों के साथ ही विभागीय अधिकारियों को भी इस समस्या से अवगत करवाते हुए इसकी सुध लेने की मांग की थी। दावा है कि इसके बाद पाइप लाइन में से क्षतिग्रस्त पाइप हटाकर मरम्मत भी की गई थी। लेकिन, इस लाइन से इस साल जनता को पानी नसीब नहीं हो पाया है।
आपात काल का सहारा पाइप लाइन
कुड़ी हौद जोधपुर से रोहट तक बिछी हुई पाइप लाइन आपात काल में एकमात्र सहारा है। जब जवाई बांध में पानी नहीं होता है तो जोधपुर का पानी रोहट व पाली की जनता की प्यास बुझाने के लिए यह पाइप लाइन ही काम में ली जाती थी। लेकिन, अब वर्तमान में जवाई बांध में भी पानी कम है। लेकिन, अभी तक क्षेत्रवासियों की समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
हो चुकी है टेस्टिंग
रोहट से पांच किलोमीटर पहले तक इस पाइप लाइन में पानी की टेस्टिंग हो चुकी है। हालांकि, उस समय बारिश होने तथा जवाई में पानी आ जाने के कारण इसकी जरूरत नहीं पड़ी। -राजेश कुमार, एक्सइएन, जलदाय विभाग