
पाली। इन्द्रदेव की बेरुखी के कारण मारवाड़ गोडवाड़ में अकाल की छाया मंडरा रही है। जिले के करीब 23 लाख 77 हजार पशुओं के लिए पीने के पानी व चारे का संकट खड़ा हो गया है। इस बार जिले में औसत बारिश 476 एमएम के बजाय 320.20 एम.एम. ही बरसात हुई है। जिले में करीब 3 लाख 67 हजार गोवंश है। इनके लिए चारे की व्यवस्था करना एक चुनौती है। हालांकि इस बार खरीफ की फसल आधी हुई है। इससे दो तीन माह तक तो पशुओं के लिए काम चल जाएगा, लेकिन दिस बर के बाद पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करना मुश्किल होगा।
23 लाख 77 हजार 463 है पशुधन
जिले में गाय 3 लाख 67 हजार 74, भैंस 3 लाख 19 हजार 512, बकरी 7 लाख 86 हजार 415, भेड़े 8 लाख 74 हजार 535, ऊंट 8 हजार 707, हाथी 2 व 1361 घोड़े है। इस तरह से जिले में सभी पशुधन 23 लाख 77 हजार 463 है।
भेड़ पालक पलायन की तैयारी में जिले में
7 लाख 86 हजार 415 बकरियां है। जबकि 8 लाख 74 हजार 535 भेड़े है। बारिश नहीं होने से भेड़ पालक मालवा प्रदेश में पलायन की तैयारी कर रहे हैं।
इनका कहना है
गांव के तालाब सूखे है। पशुओं के लिए पीने के पानी की समस्या शुरू हो गई है। जनवरी के बाद तो समस्या विकट हो जाएगी। कुंओं में भी पानी खारा है। -हरिसिंह भाटी, पशुपालक गिरादड़ा
चारे की समस्या आ रही है। बारिश से चारा काला पड़ गया है। आने वाले दिनों में चारे के दाम बढ़ेंगे। चारे की व्यवस्था करनी पशुपालकों के लिए भारी पड़ रहा है। -बुधाराम बंजारा, पशुपालक बलदों की ढाणी जवडिय़ा