
पाली। केन्द्रीय मंत्री पीपी चौधरी से गुरुवार को कई उद्यमियों ने सर्किट हाउस में मुलाकात कर प्रदूषण के मुद्दे पर सहयोग की गुहार लगाई। उद्यमियों ने औद्योगिक इकाइयों में लामेला तकनीक लगाने के सीईटीपी के फैसले का विरोध जताया। उन्होंने कहा कि लामेला पर अनावश्यक पैसा खर्च हो रहा। जबकि यह सीईटीपी को लगाना चाहिए। इस पर मंत्री चौधरी ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल की अध्यक्ष अपर्णा अरोड़ा से मोबाइल पर बात की और लामेला लगाने की अंतिम तिथि बढ़ाने की पैरवी की। बैठक में सीईटीपी अध्यक्ष अनिल मेहता से भी चर्चा की गई। बैठक के दौरान कई उद्यमी मौजूद रहे।
चार दिन बाद जयपुर में होगी बैठक
केन्द्रीय मंत्री के आग्रह पर प्रदूषण नियंत्रण मंडल अध्यक्ष ने उद्यमियों को अपनी बात रखने के लिए जयपुर बुलाया है। चार दिन बाद जयपुर मंडल कार्यालय में बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें पाली से कई उद्यमी शामिल होंगे।
ट्रस्ट में चार घंटे चली बैठक
शाम को ट्रस्ट सदस्यों को करीब चार घंटे तक बैठक चली जिसमें कई उद्यमियों ने लामेला लगाने को लेकर अपने सुझाव दिए। कई उद्यमियों ने प्रत्येक इकाई की बजाय ट्रीटमेंट प्लांट में लगाने का सुझाव दिया। कपड़ा उद्यमी नवीन मेहता ने कहा कि प्रत्येक फैक्ट्री में ट्रीटमेंट लगा हुआ है। उसको अपग्रेड करने के नाम पर लामेला लगाने के लिए बाध्य किया जा रहा है। जबकि यह सीईटीपी को सामुहिक रूप से लगाना चाहिए। इससे उद्यमियों पर अनावश्यक आर्थिक भार नहीं पड़ेगा।