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VIDEO : पाली के लिए परेशान का सबब बनी दक्षिण अफ्रिका की कुरजां, पढि़ए पूरी खबर
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VIDEO : पाली के लिए परेशान का सबब बनी दक्षिण अफ्रिका की कुरजां, पढि़ए पूरी खबर

- शीतकालीन प्रवास पर पहुंचे हैं साइबेरियन क्रेन- सुबह-शाम खेतों में डेरा डाले रहते हैं कुरजां पक्षी
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पाली

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Suresh Hemnani

Oct 03, 2018

दिनेश शर्मा
गिरादड़ा। साइबेरिया के भू-भाग से शीतकालीन प्रवास पर मारवाड़ पहुंचने वाले कुरजां पक्षी के प्रति शुरू से ही विशेष लगाव रहा है। इन मेहमान पक्षियों को भी बीकानेर के साथ ही मारवाड़ के जोधपुर व पाली का क्षेत्र काफी सुहाता है। तभी तो ये सैकड़ों की तादाद में जत्थे के रूप में हजारों किलोमीटर की यात्रा कर पहुंचते हैं। लेकिन, इस बार ज्यादा तादाद में पहुंचे कुरजां ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों की मानें तो जत्थे के रूप में पहुंचने वाले पक्षी इस बार खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे उन्हें आर्थिक हानि हो रही है।

दरअसल, मौसम तंत्र में परिवर्तन के साथ ही दक्षिणी अफ्रीकी भू-भाग से हर साल काफी संख्या में कुरजां पक्षी शीतकालीन प्रवास के लिए उड़ान भरते हैं। इस बार पाली जिले के गिरादड़ा के साथ ही डेंडा, गुरडाई, मादड़ी, दयालपुरा, रूपावास, मंडिया, कांदरा आदि गांवों की आबोहवा खासी रास आई है। तालाब के पास ये दिनभर दिखाई देते हैं। लेकिन, सूरज की पहली किरण के साथ ही खेतों में डेरा डाल रहे हैं। इससे खेतों में कटी हुई मूंग व ज्वार की फसल को चट कर रहे हैं। लेकिन, किसानों के पास इनसे बचने का कोई उपाय नहीं है।

कभी रहती थी उत्सुकता, अब छायी उदासी
कुरजां की अठखेलियों को निहारने के लिए ग्रामीणों की तालाब के इर्द-गिर्द रेलमपेल लगी रहती थी। लेकिन, इस बार किसानों के चेहरों पर उदासी छायी हुई है। हालांकि, साइबेरियन क्रेन पक्षी पहले भी आते थे, लेकिन इनकी तादाद 50 से 100 के करीब होती थी। जबकि, इस बार इनकी संख्या हजारों में है। कुरजां के जत्थों ने किसानों को चिंता में डाल दिया है।

दिसम्बर-जनवरी तक रहता है प्रवास
कुरजां शीतकालीन प्रवास के दौरान दिसम्बर-जनवरी माह तक रहता है। ऐसे में ये कुरजां पक्षी यहां भी जनवरी तक जमे रहेंगे। इधर, इनकी संख्या बढऩे के भी आसार जताए जा रहे हैं।

फसलों को नुकसान
खेतों में रोजाना सुबह-शाम कुरजां पक्षी आ रहे हैं। कटी हुई मूंग की फसल को खा रही हैं। इनको भगाने के बावजूद यह वापस आ जाती है। -पुष्पादेवी बंजारा, किसान डेंडा

पूरी फसल चट कर दी
मूंग की फसल 15 बोरी होती थे। लेकिन कुरजां के कारण दो बोरी ही मूंग की फसल हुई है। कुरजां ने फसल को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। -मंगलसिंह किसान, गुरडाई

ज्वार को नुकसान
कुरजां पक्षी ने ज्चार की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। क्षेत्र के खेतों में कटकर पड़ी ज्वार की फसल को पूरी तरह से चट कर दिया है। -चेनसिंह, किसान कांदरा

रखवाली कर रहे
विदेशी मेहमान पक्षी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। फसलों को बचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। सुबह व शाम के समय विशेष रखवाली करनी पड़ रही है। -कालूराम, किसान गुरड़ाई