
जोधपुर का एक दिन का पाली हमारे जिले की बुझा सकता है एक माह तक प्यास
पाली. महाजलसंकट का सामना कर रहे पाली का संकट हरने के लिए वाटर ट्रेन (Water train) से एक दिन में अधिकतम 10 एमएलडी (100 लाख लीटर) पाली आएगा। इस लिहाज से यदि एक माह तक यह व्यवस्था चलानी है तो पूरे जोधपुर शहर (Jodhpur City) में 24 घंटे का शट डाउन, जो अभी माह में एक बार लिया जा रहा है। उसे बढ़ाना पड़ सकता है। वैसे पाली के लिए यह ट्रेन 25 को पहला फेरा करेगी। वाटर ट्रेन (Water train) को भरने के लिए तख्तसागर से पानी पहले डिस्कॉम परिसर की हौदियों में भरा जाएगा। इसके बाद वहां से हाइडेंट के जरिए भगत की कोठी रेलवे स्टेशन (Bhagat Kothi Railway Station) पर वाटर ट्रेन में भरा जाएगा। यूं तो पीएचइडी (PHED)ने रेलवे (railway) से पाली के लिए 50 वैगन ट्रेन की मांग कर रखी है। यदि यह वैगन पानी लेकर आते हैं तो एक फेरे में 2.5 एमएलडी यानि 25 लाख लीटर पानी आएगा। एक दिन में ट्रेन चार फेरे करेगी। इस लिहाज से 10 एमएलडी पानी ट्रेन के जरिए पहुंचाने की योजना है। यदि वैगन और फेरे कम-ज्यादा होते हैं तो पानी की गणना नए सिरे से की जाएगी।
पहले डिस्कॉम के हौद में आएगा पानी
तख्तसागर (Tattasagar) से पाइप लाइन के जरिए पानी जोधपुर डिस्कॉम मुख्यालय परिसर में बनी हौदियों में जमा होगा। यहां से पम्प के जरिए लिफ्ट कर हाइडेंट के जरिए ट्रेन में भरा जाएगा। रेलवे ट्रेक व डिस्कॉम परिसर में बने हौद का अधिकारी जायजा भी ले चुके हैं। जिससे वाटर ट्रेन आने पर किसी तरह की परेशानी नहीं हो।
10 क्यूसेक पानी कम कर दिया
कुछ दिन में जोधपुर जिले को मिलने वाला पानी भी कम हो गया है। पहले 270 क्यूसेक पानी प्रतिदिन इंदिरा गांधी नहर परियोजना से राजीव गांधी लिफ्ट केनाल को मिलता था। अब 260 क्यूसेक यानि 10 क्यूसेक प्रतिदिन कम पानी मिल रहा है।
Published on:
25 Jul 2019 06:00 pm
