
इन्होंने ऐसा क्या किया जो फोरलेन पर मिली सजा... पढ़े पूरी खबर
रायपुर मारवाड़. ब्यावर पिडंवाड़ा फोरलेन के चार टोल में से रायपुर व बिरामी टोल पर सोमवार को फास्टैग को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी गई। जिससे इन दोनों टोल पर कैशलेन का सिंगल गेट ही रहा। इससे बगैर फास्टैग वाले वाहन चालकों की ढाई किलोमीटर तक कतार लग गई। इससे उन्हें अपनी बारी के इंतजार में घंटों परेशान होना पड़ा। इधर, टोल पर फास्टैग लगाने को लेकर भी वाहन चालकों की कतार लग गई।
केन्द्र सरकार ने फास्टैग को लेकर नई व्यवस्था लागू करने का फरमान जारी किया था। जिसकी पालना को लेकर रविवार रात 12 बजे बाद रायपुर व बिरामी टोल पर ये व्यवस्था लागू कर दी गई। जबकि जाडऩ व उतमन पिंडवाड़ा टोल पर यह व्यवस्था एक दिसंबर से लागू की जाएगी।
ये है नई व्यवस्था
प्रत्येक टोल पर पांच आने व पांच ही जाने के गेट बने हैं। नई व्यवस्था के तहत अब चार गेट से वे वाहन चालक ही गुजर सकते हैं जिनके वाहन पर फास्टैग लगा है। जबकि बगैर फास्टैग वाले वाहन चालकों के लिए एक ही गेट रहेगा।
परेशानी हुई तो लगवाया फास्टैग
रायपुर व बिरामी टोल पर नई व्यवस्था के पहले ही दिन दोनों मार्गों पर सिंगल कैशलेन में वाहनों की लम्बी कतारें लग गई। इस लेन में बारी के इंतजार में परेशान होते वाहन चालकों को देख अन्य वाहन चालकों ने सबक लिया। वाहन चालकों ने फास्टैग के महत्व को समझा और टोल पर जाकर अपने वाहनों पर फास्टैग लगवाए। रायपुर टोल इंचार्ज विजय ठाकुर व बिरामी टोल इंचार्ज अंसार खान आज पूरे दिन टोलकर्मियों के साथ वाहनों पर फास्टैग लगवाने में व्यस्त नजर आए।
रसूखदार भी नजर आए कतार में
अब तक रसूख के दम पर बगैर टोल चार्ज दिए सरपट वाहन दौड़ देने वाले वे रसूखदार भी आज नई व्यवस्था के तहत कैशलेन में लगी कतार में बारी का इंतजार करते नजर आए। इनमें कइयों ने तो इस परेशानी से बचने के लिए अपने वाहन पर फास्टैग लगाना जरूरी समझा ओर फास्टैग लगवाया।
क्या है फास्टैग
टोल पर वाहन चालक को वाहन की आरसी, आधार कार्ड, वाहन की फोटो देने के साथ नियमानुसार शुल्क अदा करने पर टोल कम्पनी द्वारा उस वाहन के मुख्य कांच पर फास्टैग कार्ड चिपकाया जाता है। इस कार्ड में सेंसर लगा होता है। ये कार्ड वाहन चालक के पेटीएम या बैंक एकाउंट से अटैच होता है। फास्टैग लगा वाहन टोल गेट पहुंचते ही सेंसर की वजह से टोल राशि अपने आप खाते से जमा होकर टोल गेट स्वत: ही खुल जाता है। इससे टोल पर नकद राशि चुकाने के समय की बचत होती है। साथ ही 24 घंटे में रिर्टन होने वाले वाहन चालक को 50 फीसदी कम्पनी व दो से ढाई फीसदी का कैशबैक सम्बंधित बैंक द्वारा दिया जाता है।
लग रही कतार
नई व्यवस्था हमने लागू कर दी है। अब कैशलेन की सिंगल लाइन है। जिससे बगैर फास्टैग वाहनों की इस सिंगल लेन में कतार लग रही है। जिससे उन्हें बारी के इंतजार में घंटों परेशान रहना पड़ा। हालांकि ये परेशानी देख जिन वाहन चालकों में जागरूकता आई उन्होंने फास्टैग भी लगवाए हैं। सभी चारों टोल पर फास्टैग लगाने का कार्य जारी है।
विजय ठाकुर, टोल इंचार्ज, फोरलेन, रायपुर
Published on:
12 Nov 2019 06:00 am
