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कांग्रेस में घमासान : लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेत्री के खिलाफ अपनों ने खोला मोर्चा

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पाली

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Suresh Hemnani

Mar 19, 2019

Worker against Congress leader in Sumerpur of Pali

कांग्रेस में घमासान : लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेत्री के खिलाफ अपनों ने खोला मोर्चा

सुमेरपुर। केन्द्रीय मंत्री पी.पी. चौधरी के खिलाफ फूटे ‘चिट्ठी बम’ के बाद अब कांग्रेस में भी घमासान शुरू हो गया है। पाली जिले के सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के बैनर तले चुनाव लडऩे वाली रंजू रामावत के खिलाफ अपनों ने ही मोर्चा खोल दिया है। रामावत पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने और कार्यकर्ताओं की अनेद भी करने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

सुमेरपुर क्षेत्र के कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उप मुख्यमंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट, प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे, सहप्रभारी विवेक बंसल, प्रभारी मंत्री लालचंद कटारिया और जिलाध्यक्ष चुन्नीलाल चाड़वास को संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त पत्र लिखकर पार्टी की नेता रामावत के निष्कासन की मांग की है। पत्र में उन्होंने लिखा कि विधानसभा चुनावों में सभी ने मतभेद खुलाकर पार्टी के लिए काम किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि रामावत की पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण सुमेरपुर जैसे गढ़ में कांग्रेस का वजूद कम हो रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव में भी भाजपा को समर्थन देने और तबादलों में भ्रष्टाचार करने जैसे कई गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने पत्र में यह भी चेताया कि लोकसभा चुनाव से पहले निलंबन की कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

सोशल मीडिया पर वायल हुआ पत्र
कांग्रेस नेता रामावत के खिलाफ कांग्रेस मोर्चा खोलने वाला पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। तीन पन्नों के इस पत्र में सुमेरपुर के पूर्व प्रधान हरिशंकर मेवाड़ा, देहात ब्लॉक अध्यक्ष महेश जोशी, पीसीसी सदस्य शिशुपालसिंह राजपुरोहित, पीसीसी सदस्य चंदनसिंह राजपुरोहित, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष करणसिंह चाणोद, पीसीसी सहवृत्त सदस्य भूराराम सीरवी व कार्यकारी युवा जिलाध्यक्ष जगदीश राजपुरोहित के हस्ताक्षर किए हुए हैं। पत्र में उन्होंने रामावत पर पार्टी को कमजोर करने समेत कई आरोप लगाए और आलाकमान से कार्रवाई की मांग की।

ये उतरे विरोध में
-विधानसभा चुनाव में सभी ने एकजुट होकर रंजू रामावत का साथ दिया था। रामावत ने चुनाव प्रचार में पार्टी नेता अशोक गहलोत और सचिन पायलट का नाम भी नहीं लिया। उन्हें तब भी समझाया था, लेकिन उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ। पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण नुकसान झेलना पड़ रहा है। -हरिशंकर मेवाड़ा, पूर्व प्रधान

-मैंने ब्लॉक कार्यक्रम में रामावत को आमंत्रित किया था ताकि सभी कार्यकर्ताओं से मुलाकात हो सके। चुनाव के बाद वह तो कार्यकर्ताओं के फोन तक अटेंड नहीं करतीं। संगठन के पदाधिकारियों से भी कोई तालमेल नहीं है। सुमेपुर विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस का गढ़ रहा है। यदि कार्यकर्ताओं के साथ यही रवैया रहा तो पार्टी को आगे भी नुकसान झेलना पड़ जाएगा। -महेश जोशी, ब्लॉक अध्यक्ष, देहात

-सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पत्र के बारे में आपसे ही जानकारी मिली है। पत्र पर किए गए हस्ताक्षर के बारे में पूरी जानकारी ली जाएगी। फर्जी हस्ताक्षर पाए जाने पर पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। -विवेक बंसल, राष्ट्रीय सचिव व प्रदेश सहप्रभारी

-राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम भेजे पत्र के बारे में मुझे कोई जानकारी नही है। आपके माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। इस बारे में अंतिम निर्णय केन्द्रीय व राज्य नेतृत्व ही ले सकता है। -चुन्नीलाल चाड़वास, अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी, पाली

-तथ्यहीन व आधारहीन बातों के बारे में मैं कोई टिप्पणी नहीं कर सकती। मैंने हमेशा पार्टी के हित में कार्य किया है। कभी पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल नहीं रही। शिकायती पत्र में हस्ताक्षर फर्जी हैं। मैंने कई लोगों से बात की है। उन्होंने हस्ताक्षर फर्जी बताए। मैं इस संबंध में स्वयं राहुल गांधी से मुलाकात करूंगी। केन्द्रीय नेतृत्व में सामने पार्टी को बदनाम करने वालों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई की मांग करूंगी। -डॉ रंजू रामावत, सदस्य, एआईसीसी