
पुरासंपदा के लिए मशहूर पन्ना जिले के रैपुरा क्षेत्र में पुरातत्व विभाग ने 10वीं-11वीं सदी के दो मंदिरों की खोज की है। अब आसपास खुदाई कर ध्वस्त मंदिरों और उनके अवशेषों को जमीन से बाहर निकाला जा रहा है। एक हजार साल पुराने मंदिरों के साथ ब्रह्मा, विष्णु और महेश के साथ ही कई देवी देवताओं की प्रतिमाएं मिली हैं, जानिए इनका रोचक इतिहास...
अभी तक खुदाई में मंदिर का पांच फीट ऊंचा प्लेटफॉर्म बाहर निकल आया है। मंदिर के स्थापत्य कला से जुड़े अलंकृत पत्थर, त्रिदेवों की प्रतिमाएं, भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी निकल रही हैं। सभी प्रतिमाओं और अलंकृत चट्टानों को उनकी दिशा के अनुसार ही रखा जा रहा, ताकि दूसरे चरण में जब मंदिर को मूल स्वरूप दिया जाए तो आसानी हो। दोनों मंदिरों के अवशेष खजुराहो के मंदिरों के समय के चंदेल कालीन ही हैं। अक्टूबर से दोनों मंदिरों की खुदाई का काम शुरू किया था। 20 लोगों की टीम अब भी काम में लगी है।
ग्राम सर्वेक्षण में 5वीं-6वीं सदी से लेकर 10वीं-11वीं सदी की कई पुरा संपदा की खोज
सलेहा व रैपुरा-मोहंद्रा में गुप्त काल 5वीं-6वीं सदी से लेकर 10वीं-11वीं सदी की कई पुरा संपदा की खोज की गई। 2018 में ग्राम पुरातत्व सर्वेक्षण के दौरान दोनों मंदिरों के अवशेष चिह्नित किए गए थे। अब खुदाई से पुरावशेषों को संग्रहित किया जा रहा है। मंदिर को निकाल कर उसे मूल स्वरूप में लाया जाएगा।
ये प्रतिमाएं मिलीं
- पुरातत्व संग्रहालय के अध्यक्ष सुल्तान सिंह बताते हैं खुदाई में ब्रह्मा की दुर्लभ प्रतिमा मिली। विष्णु, शिव, गणेश, सरस्वती, भैरव समेत अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं मिल रही हैं।
- खुदाई में निकले दो मंदिर, देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी निकलीं।
Updated on:
23 Dec 2023 12:42 pm
Published on:
23 Dec 2023 12:37 pm
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