2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

टॉर्च की रोशनी में सड़क पर कराई महिला की डिलीवरी

बेशर्म व्यवस्था के कारण दर्द से तड़पती रही महिला, एंबुलेंस का बीच रास्ते में ईंधन खत्म, दूसरी एंबुलेंस 1 घंटे बाद आ सकी

less than 1 minute read
Google source verification
panna_janni.png

एंबुलेंस का बीच रास्ते में ईंधन खत्म

पन्ना. जिले में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटीलेटर पर चल रहीं हैं. इसकी एक शर्मनाक तस्वीर शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात सामने आई जिसके चलते एक महिला की टॉर्च की रोशनी में सड़क पर डिलीवरी करनी पड़ी. बताया जा रहा है कि महिला को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस का बीच रास्ते में ही ईंधन खत्म हो गया था. दूसरी एंबुलेंस 1 घंटे बाद आ सकी. इस दौरान बेशर्म व्यवस्था के कारण महिला दर्द से तड़पती रही.

यह घटना शाहनगर क्षेत्र के ग्राम बनौली में सामने आई है। यहां प्रसूता को अस्पताल लेकर जा रही एंबुलेंस का डीजल बीच रास्ते में ही खत्म हो गया। इस पर दूसरी एंबुलेंस बुलाई गई लेकिन इस बीच महिला को प्रसव पीड़ा बढ़ गई. बढ़ती प्रसव पीड़ा के कारण सड़क पर ही प्रसव कराया गया। आशा कार्यकर्ता और गांव की कुछ महिलाओं ने यहां सुरक्षित प्रसव कराया. सड़क पर टॉर्च की रोशनी में यह डिलीवरी कराई गई.

बाद में जच्चा और बच्चा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहनगर पहुंचाया गया। बताया जा रहा है कि वहां दोनों की हालत ठीक बनी हुई है। दूसरी एंबुलेंस करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची थी लेकिन तब तक प्रसव हो चुका था।

इस तरह चला घटनाक्रम
बनौली की रेशमा पति शिवबहार सिंह गौंड को प्रसव पीड़ा होने पर शनिवार शाम चार बजे जननी एक्सप्रेस वाहन के लिए आशा कार्यकर्ता सुकरती बाई ने कॉल किया। जननी वाहन खराब होने के कारण 108 एम्बुलेंस को 24 साल की रेशमा को अस्पताल लाने भेजा गया। एंबुलेंस बनौली पहुंची। वहां से महिला को लेकर चली तो डीजल खत्म हो गया। इसी बीच महिला को प्रसव पीड़ा हुई तो टॉर्च की रोशनी में प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद एम्बुलेंस के कर्मचारियों ने दूसरा वाहन बुलाया तो वह भी एक घंटे की देरी से पहुंचा।