24 जुलाई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

नौतपा के बाद भी भीषण गर्मी से राहत नहीं, 44.2 डिग्री सेल्सियस रहा तापमान

नौतपा के बाद भी भीषण गर्मी से राहत नहीं, 44.2 डिग्री सेल्सियस रहा तापमान
2 min read
Google source verification
Panna temperature touch 44 degrees increases the risk of heatstroke

Panna temperature touch 44 degrees increases the risk of heatstroke

पन्ना। नौतपा समाप्त होने के बाद भी भी लोगों को भीषण गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। रविवार को भी सूर्यदेव की तपन लोगों को बेचैन कर देने वाली रही है। मौसम विभाग की ओर से दिन का अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28.5डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सुबह नौतपा के ही जैसी तपन थी जो पूरे दिन बढ़ती रही।

भीषण गर्मी के कारण लोग बेचैन नजर आए। सुबह बिजली की आंख मिचौनी भी जारी होने से लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इन दिनों हालात यह है कि एक मिनट के लिए भी बिजल गुल होने पर लोग बेचैन हो उठते हैं। नगर के लोगों को अब प्री मानसून बारिश का इंतजार है।

बच्चों का बुरा हाल
जिले में मानसून 15 जून से सक्रिय माना जाता है। जब तक बारिश नहीं होती है तब तक लोगों को भीषण गर्मी में इसी तरह से परेशानी होगी। दोपहर में हालत यह हो जाती है कि कूलर तक भी काम करना बंद कर देते हैं। पंखों से तो लू जैसी हवा निकलती है। भीषण गर्मी के कारण बच्चों का भी बुरा हाल है। रात में भी गर्मी बढऩे से लोगों में बेचैनी बढऩे लगती है। भीषण गर्मी के इस दौर में न लोगों को दिन में चैन मिल पा रहा है और न रात में। सन बर्न के कारण कुछ लोगों के चमड़ी में लाल रंग के दाने निकल आए हैं।

अस्पताल में बढ़े मरीज
गर्मी के कारण जिला अस्पताल सहित प्राथमिक, सामुदायिक और उप स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसके साथ ही अपंजीकृत डॉक्टरों के क्लीनिकों में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरोंं के नहीं होने के कारण लोग अपंजीकृत डॉक्टरों के पास इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं।

बारिश के बाद भी राहत नहीं
नौतपा के अंतिम दिन बारिश और ओले गिरने के कारण लोगों को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिली। मौसम में आए इस बदलाव के कारण रात को भी राहत रही। बताया गया कि आगामी दिनों फिर से तेज गर्मी पडऩे की आशंका है। इस बारिश के कारण उमस बढ़ सकती है। इससे बीमारी से पीडि़तों की संख्या में भी इजाफा हो सकता है।