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आवास निर्माण न होने पर हितग्राहियोंं से होगी वसूली, अधिकारियों के खिलाफ होगी एफआईआर, लाभ लेने वाले हितग्राही हो जाएं सतर्क

ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की कलेक्टर ने की समीक्षा

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PM Housing: More than seven hundred beneficiaries in Sainikheda, PM housing scheme, question mark on the functioning of the city council, Sainikheda News, Narsinghpur News

PM Housing: More than seven hundred beneficiaries in Sainikheda, PM housing scheme, question mark on the functioning of the city council, Sainikheda News, Narsinghpur News

पन्ना. ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने किस्त जारी होने के बाद भी आवास निर्माण न करने वाले हितग्राहियों से वसूली के निर्देश दिए। साथ ही लंबित बोरी बंधन का कार्य तीन दिन में पूरा कराने के निर्देश संंंंबंधित अफसरों को दिया है। बैठक में कलेक्टर शर्मा ने कहा कि पन्ना जिला उतार-चढ़ाव वाली भूमि पर बसा हुआ है। ऊंचे-नीचे धरातल पर बोरी बंधान कर पानी रोकने के लिए बहुतायत स्थान मिल सकेंगे। पूर्व में जिन स्थानों में बोरी बंधान किए जाते थे अथवा स्टाफ डैम बने हुए हैं, उनके अलावा प्रत्येक पंचायत में बहुत सारे जल प्रवाहित होने वाली प्राकृतिक संरचनाएं मिल जाएंगी। अभी संरचनाओं में जल प्रवाहित हो रहे हैं। इनमें बोरीबंधान बनाकर पानी को संरक्षित किया जाए। एक जल प्रवाहित होने वाली लम्बी संरचना में एक से अधिक बोरी बंधान बनाए जा सकते हैं।

गौशाला निर्माण में बाधक बने भूमि विवाद
बोरी बंधान बनाते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि बोरियों की 2 लाइनें बनाकर बीच में मिट्टी भरी जाए। ताकि, पानी का रिसाव न हो सके। सभी सब इंजीनियर एवं सहायक इंजीनियर इस बात ध्यान भी रखें कि हैण्डपम्पों, पेयजल योजनाओं व अन्य पेयजल स्त्रोतों के आसपास प्रवाहित होने वाले पानी को रोककर स्थापित जल स्त्रोतों को रिचार्ज किया जाए। जिससे जल स्त्रोतों का जल स्तर लम्बे समय तक उपर रहे। बोरीबंधान कराकर प्रतिवेदन प्रस्तुत किए जाएं। निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान गत वित्तीय वर्ष में सांसद, विधायक निधि से स्वीकृत कार्य जनभागीदारी, पंच-परमेश्वर, मनरेगा के साथ विभिन्न विभागों की अन्य योजनाओं से स्वीकृत कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान निर्देश दिए गए कि जो कार्य गत वित्तीय वर्षो से स्वीकृत एवं निर्माणाधीन हैं, उन्हें एक माह में पूर्ण कर पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कराएं।

तीन दिन में बोरी बंधान के निर्देश
प्रधानमंत्री आवास निर्माण की समीक्षा के दौरान कहा गया कि गत वित्तीय वर्ष में जिन लोगों को प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए थे और उन्हें प्रथम किश्त का भुगतान कर दिया गया था उन लोगों ने आज आवास निर्माण कार्य प्रारंभ नही किया है ऐसे हितग्राहियों से वसूली की कार्यवाही की जाए। बहुत से ऐसे हितग्राही भी हैं जिनके द्वारा आवास निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है अथवा अधूरा है और हितग्राही की मृत्यु हो गयी है। अथवा पलायन कर गया है ऐसे हितग्राहियों के भवनों को ग्राम पंचायतें अपने अधिकार क्षेत्र में लेकर उनका रखरखाव और अधूरे पड़े आवासों को पूर्ण कर अपने अधिपत्य में रखे। इसके अलावा में जिन आवासों का कार्य प्रगति पर है उन्हें समय पर पूर्ण कराएं और पूर्णता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें।

वेतन रोकने के निर्देश
समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ सब इंजीनियर शासकीय दायित्वों के निर्वहन में रुचि नहीं ले रहे है, उनकी वेतन रोकने व स्पष्टीकरण लिए जाने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में जिला पंचायत सीइओ बालागुरू के, एसीइओ अशोक चतुर्वेदी, सहायक परियोजना अधिकारी संजय सिंह, कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, सब इंजीनियर व ग्रामीण विकास से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

त्रुटि सुधार कर पेंशन जारी कराएं
पेंशन योजनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि पेंशन का भुगतान नियत तिथि में प्रत्येक पेंशनधारक को होना चाहिए। जिनके बैंक खाते की त्रुटिवश पेंशन नहीं जाती, उसमें सुधार कराकर तुरंत पेंशन भेजने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने निराश्रित पेंशन स्वीकृत करने के संबंध में निर्देश देते हुए कहा कि 60 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके गरीबी रेखा के हितग्राहियों के अलावा उन्हें भी निराश्रित पेंशन स्वीकृत की जानी है। उनके आवेदनों पर संवेदनशीलता के साथ कार्यवाही करते हुए पेंशन स्वीकृत की जाए।

गबन पर सरंपच-सचिवों के होगी एफआईआर
कलेक्टर शर्मा ने तकनीकी अधिकारियों व पंचायत सचिवों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों के लिए भूमि प्राप्त करने अथवा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के संबंध में राजस्व निरीक्षक व तहसीलदार से सम्पर्क स्थापित कर समस्या का निराकरण करते हुए निर्माण कार्यों को प्रारंभ किया जाए। जिन सरपंच/सचिवों ने राशि का आहरण कर लिया है और कार्य नहीं कराया जा रहा, उनके विरुद्ध जनपद सीइओ व एसडीएम के माध्यम से सरपंच-सचिवों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। जिन सरपंचों व सचिवों ने राशि का गबन कर दिया है उनके विरुद्ध पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जाए।