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पन्ना। जिले की पन्ना, पवई और गुनौर विधानसभा में से पवई व गुनौर में कांग्रेस-भाजपा ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। इसके साथ ही प्रत्याशियों का जनसंपर्क अभियान भी शुरू हो गया है, जबकि पन्ना विधानसभा के दावेदार अभी भी टिकट के इंतजार में हैं। टिकट की घोषणा में जितना अधिक विलंब होगा प्रत्याशियों के लिए जनसंपर्क उतना ही कठित होता जाएगा।
गुनौर और पवई विस के लिए भाजपा ने मतदान के 26 दिन और प्रचार अभियान समाप्त होने के २४ दिन पूर्व सूची जारी कर दी थी, जबकि कांग्रेस ने इसके एक दिन बाद सूची जारी की। इस प्रकार दोनों विस क्षेत्रों में भाजपा के प्रत्याशियों को जनसंपर्क के लिए 24 दिन व कांग्रेस प्रत्याशियों को 23 दिन मिलेंगे।
पन्ना विधानसभा के प्रत्याशियों की टिकट यदि दीपावली तक घोषित की जाती है तो वे भाई दूज की पूजा के बाद जनसंपर्क शुरू कर सकेंगे। ऐसे में जनसंपर्क अभियान खत्म होने तक 15-16 दिन ही प्रचार के लिए मिल पाएंगे। गौरतलब है कि जिले की तीनों विधानसभा सीटों के लिए 28 नवंबर को मतदान होना है।
इसके लिए 48 घंटे पूर्व यानी 25 नवंबर की शाम पांच बजे बाद प्रचार अभियान थम जाएगा। पार्टी से टिकट पाने एक माह से भी अधिक समय से संघर्ष कर रहे नेताओं को टिकट मिलने के बाद और भी कड़े संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे हालात में उन्हें वाहनों की अनुमति, सभाओं, हेलीपैड संबंधी विभिन्न प्रकार की अनुमतियां पाई-पाई का हिसाब रखने सहित कई प्रकार की परीक्षाओं से गुजरना होगा।
गुनौर में ऐसे हाल
जिले की गुनौर विधानसभा एसटी वर्ग के लिए आरक्षित है। गुनौर विस में अमानगंज, ककरहटी और देवेंद्रनगर नगरीय क्षेत्र आते हैं। इसके अलावा गुनौर, सलेहा और महेबा ग्रामीण अंचल हैं। विस क्षेत्र करीब 125 किमी. क्षेत्र में फैला है। इसके अंतर्गत 135 ग्राम पंचायतें और करीब 300 गांव आते हैं।
इस हिसाब से यहां भी भाजपा नेता को जनसंपर्क के लिए 24 दिन मिले। उसे प्रतिदिन करीब साढ़े पांच किमी. प्रतिदिन संपर्क करना होगा। हर दिन औसतन 12-13 गांवों में जनसंपर्क करना पड़ेगा। कांग्रेस प्रत्याशी को जनसंपर्क के लिए 23 दिन ही मिल पाए। उसे प्रतिदिन औसतन छह किमी. क्षेत्रफल में जनसंपर्क करना होगा।
पन्ना में पकडऩी होगी तूफानी रफ्तार
पन्ना विधानसभा में अभी भाजपा और कांग्रेस में से किसी भी दल ने अपने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। उम्मीद की जा रही है कि दीपावली तक प्रत्याशी घोषित हो जाएंगे। इससे यहां के प्रत्याशी दीपावली के बाद दूज पूजन तक अपना जनसंपर्क अभियान तूफानी रफ्तार से चालू कर सकेंगे।
पन्ना विस में अजयगढ़ व पन्ना नगरीय क्षेत्र आते हैं, जबकि बृजपुर, पहाड़ीखड़ा, धरमपुर और मड़ला आदि ग्रामीण क्षेत्र हैं। पन्ना विस में 112 ग्राम पंचायतें और करीब 200 गांव हैं। यह करीब 120 किमी क्षेत्रफल में फैला है। यहां के प्रत्याशी यदि 9 नवंबर से प्रचार अभियान की शुरुआत करते हैं तो उन्हें प्रचार करने के लिए करीब 8 किमी प्रतिदिन चलना होगा और करीब 14 गांवों में प्रतिदिन जनसंपर्क करना होगा।
पवई में सबसे बड़ा क्षेत्रफल-पन्ना में तेज भागमभाग
जिले की पवई विधानसभा क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ी है। इसमें पवई, शाहनगर, रैपुरा, मोहंद्रा और कल्दा आदि का क्षेत्रफल आता है। इस विधानसभा का क्षेत्रफल 150 किमी. है। इसके अंतर्गत साढ़े तीन सौ करीब गांव आते हैं। यहां भाजपा ने मतदान के 26 दिन पूर्व और जन संपर्क खत्म होने के 24 दिन पूर्व अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए, इस हिसाब से पवई में भाजपा के प्रत्याशी को औसतन प्रतिदिन करीब साढ़े 6 किमी क्षेत्र में संपर्क करना होगा।
इस विधानसभा क्षेत्र में करीब साढ़े तीन सौ गांव हैं। इस हिसाब से प्रत्याशी को प्रतिदिन औसतन 14 गांवों में जनसंपर्क करने का मौका मिलेगा, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को जनसंपर्क के लिए 23 दिन ही मिले। इस हिसाब से उसे प्रतिदिन 7 किमी क्षेत्रफल में जनसंपर्क करना होगा और करीब 16 गांवों में पहुंचना होगा। इस दौरान रैलियां, सभाएं, बड़े नेताओं के कार्यक्रम आदि के लिए भी टाइम मैनेज करना होगा।
आज कई उम्मीदवार भर सकते हैं नामांकन
जिले के तीनों विधानसभा सीटों से अब तक एक भी नामांकन नहीं जमा किए गए हैं। धनतेरस के शुभ दिन से उम्मीद की जा रही है कि नामांकन पत्रों को भरने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। उम्मीद है सोमवार को कई नेता नाम निर्देशन पत्र जमा कर सकते हैं।
नगायच के बगावती तेवर, सोशल मीडिया पर भड़ास
पवई विधानसभा में स्थानीय प्रत्याशी की मांग को लेकर करीब एक साल से संघर्ष कर रहे जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष संजय नगायच हाल ही में भाजपा में शामिल हुए थे। पार्टी द्वारा दो दिन पूर्व पवई विधानसभा से पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह को टिकट मिलने के बाद से उन्होंने पार्टी के निर्णय को लेकर सोशल मीडिया पर भड़ास निकाली है।
उन्होंने पार्टी के निर्णय को स्थानीय प्रत्याशी की मांग कर रही जनता के साथ धोखा बताया और कहा कि वे आगामी दो-तीन दिन में अपने समर्थकों के साथ कोई भी बड़ा निर्णय ले सकते हैं। उन्होंने उक्त बातों को स्वयं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में शेयर करने की पुष्टि की और बताया कि वे पार्टी के निर्णय से दुखी हैं। वे संघ और पार्टी के सर्वे में आगे थे इसके बाद भी उनके दावेदारी की पार्टी की ओर से उपेक्षा की गई है। पार्टी का निर्णय जनता के हितों के साथ कुठाराघात है।
Published on:
05 Nov 2018 12:31 am
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