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जहां बरसाई थीं गोलियां, उसी अस्पताल में होगा बिहार के इस बाहुबली का इलाज; भागलपुर से पटना हुए शिफ्ट

बृज बिहारी प्रसाद हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे मुन्ना शुक्ला को आंखों की गंभीर समस्या के कारण भागलपुर जेल से पटना की बेउर जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। उनका इलाज उसी IGIMS अस्पताल में होगा, जहां 1998 में दिन दहाड़े बृज बिहारी प्रसाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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पटना

•

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Anand Shekhar

•

Jan 04, 2026

पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला

पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला (फोटो- Munna Shukla Faceboook)

बिहार के बाहुबली और पूर्व विधायक विजय कुमार शुक्ला उर्फ ​​मुन्ना शुक्ला एक बार फिर सुर्खियों में हैं। बृज बिहारी प्रसाद हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे मुन्ना शुक्ला को अब आंखों की गंभीर समस्या के कारण पटना के IGIMS में मोतियाबिंद की सर्जरी करवानी है। विडंबना यह है कि यह वही IGIMS कैंपस है जहां 1998 में तत्कालीन RJD मंत्री बृज बिहारी प्रसाद को गोलियों से भून दिया गया था और अब उसी मामले में दोषी का इलाज वहीं हो रहा है।

भागलपुर से बेउर जेल, फिर IGIMS

जेल अधिकारियों के अनुसार, मुन्ना शुक्ला को भागलपुर सेंट्रल जेल से पटना की बेउर जेल में ट्रांसफर किया गया। इसके बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच IGIMS लाया गया, जहां फिलहाल उनकी आंखों की विस्तृत जांच चल रही है। डॉक्टरों की एक टीम ने मोतियाबिंद और रेटिना की समस्या की पुष्टि की है। मेडिकल सलाह के अनुसार, अगले कुछ दिनों में सर्जरी की जाएगी। जेल अधीक्षक ने साफ किया है कि ऑपरेशन के बाद और स्वास्थ्य स्थिर होने पर मुन्ना शुक्ला को वापस भागलपुर जेल भेज दिया जाएगा।

रेटिना की समस्या और मोतियाबिंद की सर्जरी

मुन्ना शुक्ला पिछले 15 दिनों से आंखों में तेज दर्द और धुंधला दिखने की शिकायत कर रहे थे। उन्हें भागलपुर जेल में शुरुआती इलाज मिला, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें पटना रेफर किया गया। IGIMS के नेत्र विशेषज्ञों का कहना है कि सर्जरी में देरी से आंखों की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है। वह फिलहाल अस्पताल में हैं और 24 घंटे पुलिस और मेडिकल टीम की निगरानी में हैं। सुरक्षा कारणों से वार्ड के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए गए हैं।

बृज बिहारी प्रसाद हत्याकांड से उम्रकैद तक

मुन्ना शुक्ला वही व्यक्ति हैं जिन्हें 13 जून 1998 को IGIMS कैंपस में तत्कालीन मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की दिनदहाड़े हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। इस मामले में श्रीप्रकाश शुक्ला, मंटू तिवारी और राजन तिवारी जैसे कुख्यात गैंगस्टरों के नाम भी सामने आए थे। हमले के कुछ साल बाद, यूपी STF ने श्रीप्रकाश शुक्ला को एक एनकाउंटर में मार गिराया था। ट्रायल कोर्ट ने मुन्ना शुक्ला को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में पटना हाई कोर्ट ने पलट दिया और उन्हें अस्थायी राहत दी। हालांकि, बृज बिहारी प्रसाद की पत्नी और CBI की अपील पर, सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद की सजा फिर से बहाल कर दी थी।

जेल ट्रांसफर की पूरी कहानी

बृज बिहारी मर्डर केस में दोषी ठहराए जाने के बाद मुन्ना शुक्ला लंबे समय तक पटना की बेउर जेल में बंद थे। हालांकि, विधानसभा चुनावों से ठीक पहले प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से और जेल से कथित फोन कॉल गतिविधियों के चलते उन्हें बेउर से भागलपुर जेल में ट्रांसफर कर दिया। जेल सूत्रों का दावा है कि यह कदम चुनावी माहौल में संभावित प्रभाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए उठाया गया था। अब, उन्हें स्वास्थ्य कारणों से वापस राजधानी पटना लाया गया है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी तरह से मेडिकल जरूरत है और किसी राजनीतिक या अन्य वजह से नहीं है।

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