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बांकीपुर विधानसभा सीट पर सियासी संग्राम: BJP में दावेदारों की भीड़, कांग्रेस-आरजेडी में टकराव तेज

नितिन नवीन के राज्य सभा निर्वाचित होने के बाद बांकीपुर विधानसभा सीट पर दावेदारी शुरू हो गई है। बीजेपी के कई नेताओं ने इस सीट के लिए अपनी दावेदारी पेश की है, जबकि आरजेडी और कांग्रेस ने भी चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है।
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पटना

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Rajesh Kumar Ojha

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Updated: 7 Apr 2026, 11:29 AM IST

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नए BJP अध्यक्ष नितिन नवीन। (Photo-IANS)

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्य सभा के लिए निर्वाचित होने के बाद उन्होंने बांकीपुर विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद इस सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी में दावेदारी शुरू हो गई है। बीजेपी कार्यालय में कई संभावित उम्मीदवारों के नामों की चर्चा चल रही है, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता इस मुद्दे पर फिलहाल कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई बांकीपुर सीट पर कई पूर्व विधायकों के साथ-साथ सांसदों ने भी अपने-अपने रिश्तेदारों के लिए दावेदारी पेश की है।

कौन हैं प्रबल दावेदार?

बांकीपुर विधानसभा सीट पर किसे टिकट मिलेगा, इसे लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं। हालांकि, पार्टी कार्यालय में कई नामों पर चर्चा तेज है। इनमें संजय मयूख का नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहा है, जो फिलहाल बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रभारी हैं। उन्हें नितिन नवीन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का करीबी माना जाता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच संबंध 1995 से, जब नितिन नवीन के पिता नवीन किशोर सिन्हा सक्रिय राजनीति में थे, तभी से मजबूत रहे हैं।

इसके अलावा, राष्ट्रीय मीडिया में बीजेपी का पक्ष मजबूती से रखने वाले अजय आलोक को भी बांकीपुर सीट पर नितिन नवीन के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष और बीजेपी नेता रणवीर नंदन भी इस दौड़ में शामिल हैं। उन्हें शिक्षित और सौम्य छवि वाला नेता माना जाता है और वे पटना के रहने वाले हैं। कायस्थ जाति से भी आते हैं।

बांकीपुर टिकट की दौड़ में नेताओं के बेटे भी

बांकीपुर सीट से टिकट की दावेदारी को लेकर कई नेता अपने बेटों के लिए भी प्रयास कर रहे हैं। कुम्हरार के पूर्व विधायक अरुण सिन्हा को लेकर चर्चा है कि वे अपने बेटे आशीष सिन्हा के लिए कोशिश कर रहे हैं। बताया जाता है कि 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान अरुण सिन्हा का कुम्हरार सीट से टिकट काट दिया गया था। वहीं, आशीष सिन्हा पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ के अध्यक्ष रह चुके हैं।

दावेदारी पर टकराव

बांकीपुर विधानसभा सीट पर इस बार कांग्रेस और आरजेडी आमने-सामने नजर आ रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में इस सीट पर आरजेडी ने चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार कांग्रेस भी अपनी दावेदारी जता रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने इस सीट को लेकर अपनी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।