
सांकेतिक तस्वीर
Bihar News:बिहार में लड़कियों की सुरक्षा को लेकर सवालों का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत और कथित रेप के बाद जहां पूरा राज्य आक्रोश में है, वहीं भागलपुर से लापता दो नाबालिग लड़कियों का भी अभी तक सुराग नहीं मिला है। वारसलीगंज और महेशपुर की रहने वाली दोनों छात्राएं सोनाक्षी और जिया 8 जनवरी से लापता हैं। 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन न तो लड़कियां मिली हैं और न ही कोई ठोस सुराग मिला है। परिवारों की चिंता अब डर में बदल गई है और पुलिस पर भारी दबाव है।
दोनों लड़कियां 8 जनवरी की सुबह सरयू देवी मोहनलाल गर्ल्स हाई स्कूल पहुंची थीं। वे अपना एडमिट कार्ड लेने घर से निकली थीं। CCTV फुटेज की जांच की गई तो दोनों छात्राएं स्कूल में जाते हुए देखी गईं, लेकिन स्कूल से बाहर आते हुए उनका कोई फूटेज नहीं है। यह जांच में सबसे बड़ी पहेली है। पुलिस अब हैरान है कि स्कूल में घुसने के बाद दोनों लड़कियां कहां गईं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह और सिटी डीएसपी-2 राकेश कुमार खुद जांच करने स्कूल पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों, छात्रों और स्कूल अधिकारियों से विस्तार से पूछताछ की। स्कूल परिसर और आसपास की सड़कों, गलियों और CCTV फुटेज का भी गहन निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण लगभग दो घंटे तक चला, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
जांच के दौरान सैकड़ों घंटे के फुटेज की समीक्षा की गई है। एक वीडियो फुटेज सबसे बड़े सुराग के रूप में सामने आया है। इसमें दोनों लड़कियां भागलपुर रेलवे स्टेशन की और जाती हुई दिखाई दे रही हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि उन्होंने अलग-अलग कपड़े पहने हुए थे। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कपड़े क्यों बदले गए, किसने बदले, और यह स्कूल के अंदर हुआ या बाहर।
पुलिस द्वारा दिखाई गई शुरुआती लापरवाही से परिवार वाले गुस्से में थे। FIR दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने शुरुआती दिनों में इसे एक सामान्य गुमशुदगी का मामला माना। हालांकि, जब मामला मीडिया में आया और परिवार ने लगातार अधिकारियों पर दबाव डाला, स्थिति की गंभीरता पर जोर दिया, तो एसएसपी प्रमोद कुमार ने हस्तक्षेप किया। एसएसपी ने सिटी एसपी के नेतृत्व में आठ विशेष टीमें बनाईं। ये टीमें अब भागलपुर शहर, पटना, गया और अन्य संभावित इलाकों में छापेमारी कर रही हैं।
जांच के दौरान, सोनाक्षी के घर से दो चिट्ठियां भी बरामद हुई हैं। एक चिट्ठी टिश्यू पेपर पर लिखी थी, जिस पर 'आई लव यू' और 'प्लीज मान जाओ' लिखा था। हालांकि, परिवार ने साफ तौर पर इससे इनकार किया है, यह कहते हुए कि यह उनकी बेटी की हैंडराइटिंग नहीं है। उनका मानना है कि किसी ने साजिश के तहत इसे वहां रखा था। परिवार का कहना है कि अगर इस मामले की रिपोर्ट समय पर नहीं की जाती, तो इसे एक साधारण प्रेम प्रसंग और भाग जाने का मामला मानकर खारिज कर दिया जाता।
मामला तब और भी पेचीदा हो गया जब लापता लड़कियों के साथ पढ़ने वाली एक और छात्रा का बयान सामने आया। इस छात्रा ने पुलिस को बताया कि तीन महीने पहले, उसकी दो दोस्तों ने उसे एक बर्थडे पार्टी में बुलाया और उसे एक गैंग को बेचने की कोशिश की। लड़की ने बताया कि उसे पीटा गया, उसकी किडनी बेचने की धमकी दी गई और उसे उस जगह पर बेहोश रखा गया। इस छात्रा को सितंबर में बचाया गया था। अब, पुलिस सितंबर के मामले और मौजूदा गुमशुदगी के बीच किसी भी कनेक्शन की तलाश कर रही है, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या दोनों मामले किसी संगठित नेटवर्क से जुड़े हैं।
SSP प्रमोद कुमार ने कहा कि यह मामला पुलिस के लिए प्राथमिकता है। सितंबर के मामले से जुड़े सभी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। अगर किसी संगठित गैंग की कोई संलिप्तता सामने आती है, तो उसका भी खुलासा किया जाएगा। लक्ष्य बच्चों को सुरक्षित ढूंढना है। टीमें लगातार काम कर रही हैं और डिटेल्स जल्द ही जारी की जाएंगी।
Published on:
20 Jan 2026 01:44 pm
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