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भाई को बाइक पर बैठाकर ले गया और मार दीं 3 गोलियां, करोड़ों की जमीन के चक्कर में किया कत्ल

Bhagalpur Shivam Murder Case: भागलपुर में हुए शिवम कुमार हत्याकांड का 9 महीने बाद खुलासा हो गया है। करोड़ों रुपये की जमीन के लालच में शिवम के सगे भाई सन्नी सिंह ने ही उसका कत्ल कर दिया था। वारदात के दिन भाई खुद शिवम को अपनी बाइक पर बैठाकर ले गया और महज 10 मिनट के भीतर किशनपुर तालाब के पास उसे 3 गोलियां मार दी गईं। 

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पटना

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Anand Shekhar

May 29, 2026

bhagalpur shivam murder case

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

Bhagalpur Shivam Murder Case:बिहार के भागलपुर के मधुसूदनपुर में महीनों पहले हुए शिवम कुमार हत्याकांड का पुलिस ने अब 9 महीने बाद आखिरकार खुलासा कर दिया है। हत्या की इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि शिवम का अपना सगा भाई सनी सिंह निकला। उसने 1 करोड़ 8 लाख रुपये की जमीन हड़पने के दोस्तों के साथ मिलकर लिए अपने ही भाई को रास्ते से हटवा दिया।

उस शाम आखिर हुआ क्या था?

यह घटना 6 अगस्त 2025 की शाम को हुई थी। शिवम अपने एक दोस्त के साथ नूरपुर के पास ATM से पैसे निकालने गया था। CCTV फुटेज और उसके दोस्त की गवाही के मुताबिक, उसका सगा भाई सनी सिंह एक मोटरसाइकिल पर वहां पहुंचा। सनी ने बड़े प्यार से शिवम से अपनी बाइक पर बैठने को कहा और उसे अपने साथ ले गया। दोस्त को लगा कि जब दो भाई ही साथ जा रहे हैं, तो चिंता की कोई बात नहीं है। लेकिन, ठीक दस मिनट बाद किशनपुर तालाब के पास ताबड़तोड़ गोलियों की आवाज गूंजी। सनी ने अपने साथियों के साथ मिलकर शिवम को एक के बाद एक 3 गोलियां मार दीं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शिवम को ले जाने के लिए जिस मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया गया था, वह सनी के दोस्त, वीरू सिंह की थी।

भाई क्यों बन गया जान का दुश्मन?

यह पूरा मामला लगभग 1.25 बीघा जमीन के एक टुकड़े और 1.08 करोड़ रुपये की डील से जुड़ा हुआ है। घटना से कुछ समय पहले शिवम ने भीमकिट्टा गांव के रहने वाले विकास यादव नाम के एक व्यक्ति से पैसे उधार लिए थे। कर्ज चुकता नहीं होने की वजह से विकास ने उस जमीन पर कब्जा कर लिया था। दूसरी तरफ, शिवम ने उस जमीन को बेचने के लिए कुछ और लोगों से समझौता कर लिया।

शिवम अपनी हत्या से ठीक तीन दिन पहले ही नासिक (महाराष्ट्र) से अपने गांव लौटा था। जैसे ही उसके भाई सनी और उसके पिता संजीव सिंह को जमीन से जुड़े इन सौदों के बारे में पता चला तो उन्होंने शिवम को जरा भी भनक लगने दिए बिना वह जमीन विकास यादव को 1.08 करोड़ रुपये में बेच दी। इस सौदे में करोड़ों रुपये शामिल थे, लेकिन शिवम को इसमें से एक भी पैसा नहीं मिला। जब शिवम को इस धोखे के बारे में पता चला, तो उसने इसका विरोध किया और मामले को अदालत में ले जाकर कानूनी लड़ाई लड़ने की धमकी दी। इस विरोध से सन्नी को बहुत गुस्सा आया, जिसने विकास यादव और वीरू सिंह के साथ मिलकर अपने ही भाई की हत्या की साजिश रची।

पिता ने दूसरों पर मढ़ा आरोप

इस हत्या के तुरंत बाद शिवम के पिता संजीव सिंह खुद सामने आए और उन्होंने झूठा आरोप लगाया कि हत्या दूसरे गांव के घिघल यादव, जोगी यादव और अन्य लोगों ने आपसी रंजिश के चलते की है। यहां तक ​​कि पुलिस की शुरुआती जांच में भी इन लोगों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती दिखी।

लेकिन, जब पुलिस ने गहन जांच शुरू की, CCTV फुटेज खंगाले और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकाले तो पूरी कहानी ही पलट गई। कॉल रिकॉर्ड से साफ पता चला कि इस साजिश का मुख्य सूत्रधार सनी सिंह और विकास यादव हत्या के दौरान और उसके तुरंत बाद भी लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे।

आरोपी को पकड़ने गई पुलिस पर पथराव

इस मामले में, पुलिस ने शिवम के अपने भाई सनी सिंह के साथ-साथ विकास यादव और वीरू सिंह को मुख्य आरोपी बनाया है। जब पुलिस टीम विकास यादव के गांव भीमकिट्टा उसे गिरफ्तार करने पहुंची तो वहां बिल्कुल किसी फिल्म जैसा नजारा देखने को मिला। विकास के परिवार वालों और समर्थकों ने पुलिस टीम पर लाठियों, डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। पहली कोशिश के दौरान वे विकास को पुलिस की हिरासत से छीनकर भगाने में कामयाब हो गए। अगले दिन जब पुलिस भारी पुलिस बल के साथ दोबारा पहुंची, तो फिर से पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिसमें चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद, पुलिस आखिरकार विकास और वीरू सिंह दोनों को गिरफ्तार करके जेल भेजने में कामयाब रही।

पुलिस का क्या कहना है?

मधुसूदनपुर के थाना प्रभारी संजय कुमार मंडल ने बताया कि यह हत्या करीबी रिश्तेदारों द्वारा की गई थी, जिसका एकमात्र मकसद जमीन का लालच था। विकास यादव और वीरू सिंह को अब सलाखों के पीछे डाल दिया गया है। हालांकि इस पूरी साजिश का असली मास्टरमाइंड यानी उसका अपना भाई सनी सिंह अभी भी फरार है। पुलिस उसे पकड़ने के लिए अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही है और उसका दावा है कि वह बहुत जल्द उनकी गिरफ्त में होगा।