
विमल कुमार की हत्या की सूचना मिलते ही फूट-फूटकर रो पड़ीं पत्नी
Bihar Crime बिहार के रोहतास जिले के डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) डॉ. विमल कुमार की हत्या ने एक बार फिर राज्य में नगर निकाय अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ ही महीने पहले, 28 अप्रैल को भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में अपराधियों ने घुसकर कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हमले में नगर परिषद के सभापति भी गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनकी बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस मामले में नगर परिषद की उपसभापति नीलम देवी के पति और बाहुबली नेता रामधनी यादव का नाम सामने आया था। घटना के अगले ही दिन पुलिस मुठभेड़ में रामधनी यादव भी मारा गया था।
अब दो दिन पहले शनिवार को डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. विमल कुमार की उनके चालक द्वारा हत्या कर दिए जाने के बाद नगर निकाय अधिकारियों में भारी आक्रोश है। इस मामले में विमल कुमार की पत्नी ने डेहरी के विधायक पर 50 लाख रुपये की मांग कर प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि अब तक विधायक के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं होने से नगर निकाय अधिकारियों में नाराजगी है। अधिकारियों का कहना है कि सुल्तानगंज मामले में जिस तरह त्वरित कार्रवाई हुई थी, उसी तरह विमल कुमार हत्याकांड में भी निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनका सवाल है कि एक जैसे गंभीर अपराधों में सरकार अलग-अलग मापदंड क्यों अपना रही है। अधिकारियों का यह भी कहना है कि उन पर विकास कार्यों से अधिक कमीशन और अन्य प्रकार के दबाव बनाए जाते हैं। मांग पूरी नहीं होने पर उन्हें परिणाम भुगतने की धमकियां दी जाती हैं।
नगर निकाय अधिकारियों का कहना है कि डेहरी-डालमियानगर की घटना ने यह भय और गहरा कर दिया है कि अब सरकारी अधिकारी न तो कार्यालय में सुरक्षित हैं और न ही सड़क पर। सुल्तानगंज में एक अधिकारी को कार्यालय में घुसकर निशाना बनाया गया, जबकि डेहरी में एक अधिकारी की सड़क पर हत्या कर दी गई। दोनों घटनाओं का तरीका भले अलग हो, लेकिन सवाल एक ही है कि क्या बिहार में सरकारी अधिकारी कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं? क्या अपराधियों में कानून और पुलिस का भय समाप्त हो गया है?
विमल कुमार की हत्या के बाद राज्यभर के कार्यपालक पदाधिकारियों ने सरकार से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि उन्हें अधिकांश समय फील्ड में अकेले काम करना पड़ता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार को सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराने चाहिए। अधिकारियों का कहना है कि वे लगातार राजनीतिक और आपराधिक दबाव के बीच काम करते हैं। शनिवार को हुई घटना कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले भी नगर निकाय अधिकारियों को निशाना बनाया जा चुका है। इसलिए सरकार को उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग की है कि डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. विमल कुमार हत्याकांड की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।
Updated on:
03 Aug 2026 04:41 pm
Published on:
03 Aug 2026 04:37 pm
