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वेतन को लेकर 6 लाख शिक्षकों की टेंशन खत्म, बिहार सरकार ने तय कर दी सैलरी की फिक्स डेट, जानिए खाते में किस दिन आएगी रकम

Bihar Teacher Salary: बिहार के करीब 6 लाख शिक्षकों की वेतन को लेकर सदियों पुरानी टेंशन खत्म हो चुकी है। अब हर महीने की पहली तारीख को वेतन मिलना तय हो गया है।

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पटना

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Anand Shekhar

Dec 09, 2025

salary hike

MP salary hike news- Demo pic

Bihar Teacher Salary: बिहार सरकार ने सरकारी शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए उनके वेतन भुगतान की फिक्स डेट तय कर दी है। अब राज्य के कक्षा 1 से 12 तक के करीब 6 लाख सरकारी शिक्षकों को हर हाल में हर महीने की पहली तारीख को वेतन मिलेगा। शिक्षा विभाग ने इसे लेकर नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी कर दी है, जिससे वेतन भुगतान में होने वाली देरी की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी।

1 तारीख को सीधे खाते में पहुंचेगी सैलरी

नई व्यवस्था के तहत अब प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के सभी नियमित शिक्षक, साथ ही संस्कृत, मदरसा शिक्षक और रात्रि प्रहरी को भी हर महीने की 1 तारीख को वेतन मिलना तय हो गया है। शिक्षा विभाग का कहना है कि अब वेतन भुगतान को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

BEO भेजेंगे एटेनडेंस रिपोर्ट

शिक्षा विभाग द्वारा जारी SOP के अनुसार वेतन भुगतान की पूरी टाइमलाइन तय कर दी गई है। जिसके तहत अब हर महीने की 20 से 25 तारीख के बीच प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) शिक्षकों की अनुपस्थिति की रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को भेजेंगे।

इसके बाद 25 तारीख तक जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) वेतन पत्रक तैयार करेंगे। 26 तारीख को वेतन पत्रक कोषागार में प्रस्तुत किया जाएगा। 30 तारीख तक कोषागार पदाधिकारी इसे स्वीकृति देंगे। इसके बाद महीने की 1 तारीख को शिक्षकों के खाते में वेतन ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

मदरसा और संस्कृत शिक्षकों के लिए भी वही व्यवस्था

अल्पसंख्यक, मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों के लिए भी अलग से टाइमलाइन तय की गई है। जिसके अनुसार अब हर महीने की 20 से 22 तारीख के बीच उपस्थिति विवरण भेजा जाएगा। उसके बाद वही प्रक्रिया अपनाकर 1 तारीख को वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान

अब तक शिक्षकों को वेतन के लिए कई-कई हफ्तों तक इंतजार करना पड़ता था। कभी फाइल अटकने, कभी उपस्थिति रिपोर्ट देर से पहुंचने तो कभी कोषागार स्तर पर देरी की शिकायतें आती थीं। इससे शिक्षकों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नई SOP लागू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

शिक्षा विभाग का सख्त संदेश

शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि अगर किसी जिले में तय समयसीमा के बावजूद वेतन भुगतान में देरी होती है, तो संबंधित अधिकारियों पर जवाबदेही तय की जाएगी। विभाग का कहना है कि यह व्यवस्था सिर्फ आदेश नहीं, बल्कि हर हाल में लागू होगी।