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महिला को प्रेग्नेंट करो और 10 लाख पाओ… बिहार में ‘अजीबोगरीब’ नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी

Bihar Crime News: बिहार के नवादा में साइबर अपराधियों ने फर्जी नौकरी के मौके देकर युवाओं से लाखों रुपये ठग लिए। पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने रजिस्ट्रेशन फीस के बहाने लोगों से धोखाधड़ी करने की बात कबूल की।

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पटना

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Anand Shekhar

Jan 09, 2026

bihar crime news

महिलाओं को प्रेग्नेंट करने के नाम पर ठगी (फोटो-पत्रिका)

Bihar Crime News: बिहार के नवादा जिले से साइबर क्राइम का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया है। हिसुआ थाना क्षेत्र में दो युवकों ने फर्जी नौकरियों का झांसा देकर युवाओं से लाखों रुपये ठग लिए। ठगी का तरीका इतना अजीब था कि आरोपी उन्हें फोन करके कहते थे, "रजिस्टर करो, अगर तुम किसी महिला को प्रेग्नेंट करोगे तो तुम्हें 10 लाख रुपये मिलेंगे।" कई लोगों ने इसे सच मानकर पैसे भेज दिए और ठगी का शिकार हो गए।

कैसे हुआ खुलासा?

यह पूरा मामला तब सामने आया जब हिसुआ और आसपास के इलाकों से इस तरह की ठगी की शिकायतें आने लगीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए नवादा के पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान ने तुरंत एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई। टेक्निकल सर्विलांस, मोबाइल डेटा और लोकल इंटेलिजेंस के आधार पर SIT ने हिसुआ थाना क्षेत्र के मनवां गांव में छापा मारा और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुखदेव प्रसाद के बेटे रंजन कुमार और अनिल प्रसाद के बेटे देवनांद कुमार के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने उन्हें मौके पर ही तब पकड़ा जब वे अपने मोबाइल फोन पर कथित ग्राहकों को जॉब स्कीम समझा रहे थे।

कैसे करते थे ठगी?

जांच में पता चला कि आरोपी "ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब सर्विस" और "प्लेबॉय इंडिया प्रोजेक्ट" जैसी फर्जी सेवाओं के ऑपरेटर बनकर ठगी करते थे। ये सेवाएं दावा करती थीं कि रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन के बाद किसी महिला को प्रेग्नेंट करने पर कैंडिडेट को 10 लाख रुपये तक का इनाम मिलेगा। इसी बहाने वे रजिस्ट्रेशन फीस और सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर कई लोगों से ठगी करते थे।

पुलिस ने बताया कि आरोपी सिर्फ "प्रेग्नेंट जॉब" तक ही सीमित नहीं थे। वे धनी ऐप और SBI का इस्तेमाल करके कम ब्याज पर लोन दिलाने का वादा करके भी ग्राहकों को फंसाते थे। इस तरीके में ग्राहकों से पहले प्रोसेसिंग फीस, फिर डॉक्यूमेंटेशन और आखिर में सिक्योरिटी डिपॉजिट लिया जाता था। कई पीड़ितों ने बताया कि पेमेंट करने के बाद उनके फोन बंद कर दिए गए।

कई राज्यों के लोगों को बनाया निशाना

पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि इस सर्विस के लिए कई राज्यों के युवाओं को निशाना बनाया गया था, खासकर उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार के शहरों में। आरोपी पीड़ितों से UPI और डिजिटल वॉलेट के जरिए पैसे लेते थे। वे लोगों को फोन करके कहते थे, "सर, बस रजिस्टर कर लीजिए। हमारी कंपनी में महिलाएं हैं। उन्हें प्रेग्नेंट करवाइए और आपको 10 लाख रुपये का इनाम मिलेगा।" पुलिस ने बताया कि कई बेरोजगार युवाओं ने इसे सच मानकर पैसे दे चुके हैं।

पुलिस धोखेबाजों के नेटवर्क को ट्रैक कर रही है

SIT के ऑपरेशन में साइबर स्टेशन के इंचार्ज SI राहुल देव वर्मा, कांस्टेबल चुंचुन कुमार, सूरज कुमार और सुभाष कुमार शामिल थे। पुलिस ने बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। फिलहाल, दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब धोखेबाजों के नेटवर्क को ट्रैक कर रही है ताकि और लोगों को शिकार होने से बचाया जा सके। अधिकारियों ने लोगों से ऐसी नौकरियों से सावधान रहने की अपील की है क्योंकि ज्यादा इनकम के ऑफर अक्सर बड़े स्कैम होते हैं।