23 मार्च 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

BSEB 12th Result 2026: सड़क किनारे घड़ियां ठीक करने वाले का बेटा बना सेकेंड टॉपर, पढ़िए लक्की के संघर्ष की कहानी

BSEB 12th Result 2026 पूर्णिया के लक्की अंसारी की पढ़ाई में गरीबी कभी बाधा नहीं बनी। बिहार इंटर आर्ट्स में ‘स्टेट सेकेंड टॉपर’ बनकर उन्होंने यह साबित कर दिया है।

2 min read
Google source verification

लक्की अंसारी

BSEB 12th Result 2026 बिहार के पूर्णिया जिले की तंग गलियों में रहने वाले लक्की अंसारी ने आर्ट्स संकाय में पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। लक्की के पिता मो. इम्तियाज सड़क किनारे घड़ियां बेचकर अपना गुजारा करते हैं, जबकि लक्की खुद भी दवा की दुकान में काम करता था। बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा में लक्की ने 500 में से 478 अंक (95.60%) हासिल किए हैं। अपने बेटे की इस सफलता पर मो. इम्तियाज ने कहा कि लक्की ने उन्हें ईद का सबसे बड़ा तोहफा दिया है।

बेटे की कामयाबी से मिली पहचान

अपने बेटे की इस सफलता पर पिता मो. इम्तियाज भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि वे हमेशा लक्की से कहते थे, “तुम बस मेहनत करो, बाकी भगवान पर छोड़ दो।” उन्होंने आगे कहा कि आज उनके बेटे ने उन्हें शहर में एक नई पहचान दिलाई है और इससे बड़ी खुशी उनके लिए कुछ नहीं हो सकती।

लक्की की मां पम्मी अंसारी ने बताया कि उनके बेटे ने गरीबी को बहुत करीब से देखा है। इसी कारण उसके मन में कुछ बड़ा करने की चाह हमेशा से थी, जिसे उसने आज सच कर दिखाया।

फुटपाथ से स्टेट टॉपर तक

मो. इम्तियाज पूर्णिया की सड़कों पर फुटपाथ किनारे बैठकर लोगों की घड़ियों की मरम्मत करते हैं। लक्की भी अपने पिता का हाथ बंटाने और अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए एक मेडिकल दुकान में काम करता था। सीमित संसाधनों के बावजूद लक्की हमेशा बड़े सपने देखता रहा और एक छोटे से कमरे में पांच लोगों के साथ रहते हुए उसने यह सफलता हासिल की। लक्की की इस उपलब्धि से आसपास के लोग भी काफी खुश हैं और उसे बधाई दे रहे हैं।

लक्की ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने कोचिंग के साथ-साथ यूट्यूब की मदद से भी पढ़ाई की। वह रोजाना 6 से 7 घंटे पढ़ाई के लिए समर्पित करते थे।

लक्की ने कहा कि यह उनके लिए बेहद सुखद पल है। उन्होंने भावुक होकर कहा, “मेरे पिता की आंखों में खुशी के आंसू ही मेरे लिए ईद का सबसे बड़ा तोहफा हैं।”