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Bihar Politics: अपनों पर ही बरसे चिराग पासवान! चौकीदारों पर लाठीचार्ज को बताया निंदनीय, नीतीश-सम्राट की बढ़ाई चिंता

चिराग पासवान ने पटना में चौकीदारों पर हुए लाठीचार्ज की आलोचना की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और इस मामले पर सरकार से बातचीत करने के लिए सांसद अरुण भारती को नियुक्त किया।

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पटना

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Anand Shekhar

Feb 24, 2026

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान। (फोटो- IANS)

Bihar politics: बिहार की राजधानी पटना की सड़कों पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे चौकीदारों और दफादारों पर पुलिस लाठीचार्ज ने अब राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। NDA के अहम सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अपनी ही सरकार के प्रशासनिक बर्ताव की कड़ी आलोचना की है। चिराग ने न सिर्फ इस घटना की निंदा की बल्कि इसे असंवेदनशील करार देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

गांवों की रीढ़ पर लाठीचार्ज मंजूर नहीं - चिराग पासवान

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा कि गांव की सुरक्षा की रीढ़ इन वफादार कर्मचारियों की आवाज दबाने के लिए बल का इस्तेमाल किसी भी सभ्य और संवेदनशील सिस्टम के लिए शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि सुधार के नाम पर सालों से सेवा करने वाले इन परिवारों की रोजी-रोटी और सम्मान से समझौता किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं है।

अरुण भारती के नेतृत्व में LJP(R) एक्शन में

मामले की गंभीरता को समझते हुए चिराग पासवान ने सिर्फ बयानबाजी तक खुद को सीमित नहीं रखा है। उन्होंने लोजपा (रामविलास) के सांसद अरुण भारती के नेतृत्व में एक हाई-लेवल डेलीगेशन बनाया है। यह डेलीगेशन जल्द ही बिहार के डिप्टी सीएम सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी से मिलकर एक डिटेल्ड मेमोरेंडम सौंपेगा। मेमोरेंडम में लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन और चौकीदारों की सर्विस से जुड़ी समस्याओं का परमानेंट सॉल्यूशन मांगा जाएगा।

नीतीश कुमार से पर्सनली मिलेंगे चिराग पासवान

चिराग पासवान ने ऐलान किया है कि वे इस सीरियस मामले को लेकर खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात करेंगे। वे चीफ मिनिस्टर से अपील करेंगे कि वे चौकीदार-दफादार साथियों की सोशल सिक्योरिटी और सम्मान पक्का करने के लिए पर्सनली दखल दें। चिराग पासवान के इस तेवर से साफ पता चलता है कि पावर में होने के बावजूद वे अपने कोर वोट बैंक और दलित हितों के मुद्दों पर कोई कॉम्प्रोमाइज करने के मूड में नहीं हैं।

क्या है पूरा विवाद?

गौरतलब है कि सोमवार को पूरे राज्य से हजारों चौकीदार और दफादार पुराने रिक्रूटमेंट रूल्स और अपनी सर्विस कंडीशंस को लेकर पटना के डाक बंगला चौराहे पर प्रोटेस्ट कर रहे थे। विरोध के दौरान पुलिस ने भारी लाठीचार्ज किया, जिसमें कई बुज़ुर्ग और उनके परिवार वाले गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना का न सिर्फ़ विपक्ष बल्कि सत्ताधारी पार्टी के अंदर भी विरोध हुआ है।