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कामचोर अफसरों की अब खैर नहीं! सीधे CMO से होगी मॉनिटरिंग, सीएम सम्राट चौधरी ने दी चेतावनी

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार को अपने गृह जिला पहुंचे। जहां जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने मुंगेर-अंग क्षेत्र में चल रही जन-कल्याण की योजनाओं एवं विकास के रोडमैप के बारे में बताया। इस दौरान सीएम ने उन अधिकारियों को भी अल्टिमेटम दिया जो जानबूझकर काम पूरा करने में देरी करते हैं। 

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पटना

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Anand Shekhar

Apr 26, 2026

सम्राट चौधरी , samrat chaudhary, bihar politics

मुंगेर के तारापुर ऑयहूनचे सीएम सम्राट चौधरी

बिहार के मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद सम्राट चौधरी पहली बार रविवार को अपने गृह जिले मुंगेर और अपने विधानसभा क्षेत्र तारापुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने राज्य में प्रशासनिक सुधारों के लिए एक नई रूपरेखा पेश करते हुए कामचोर अधिकारियों को भी कड़ी चेतावनी दी। मुख्यमंत्री ने यह बिल्कुल स्पष्ट कर दिया कि सरकारी कार्यालयों में अब जनता से जुड़ी फाइलें धूल नहीं खाएंगी। इसके बजाय, हर प्रशासनिक गतिविधि की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा की जाएगी।

फाइल रोकी तो खैर नहीं

तारापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने खुले मंच से सरकारी अधिकारियों को एक खुला अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि प्रखंड, अंचल और पुलिस थानों के कामकाज की निगरानी अब सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई अधिकारी बिना किसी वैध कारण के जानबूझकर किसी फाइल में एक महीने (30 दिन) से अधिक की देरी करता है या उसे दबाकर बैठ जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के लिए किए जाने वाले काम में जानबूझकर देरी करना भ्रष्टाचार का ही एक रूप है, जिसे अब किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कानून सबके लिए बराबर

अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को स्पष्ट करते हुए सम्राट चौधरी ने खुद का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि तारापुर में उनके अपने घर की सीढ़ी भी सरकारी जमीन पर पाई गई थी, जिसे प्रशासन द्वारा ध्वस्त किया जा रहा है। सीएम ने कहा, 'जब मुख्यमंत्री के घर पर कानून का डंडा चल सकता है, तो किसी और को बख्शने का सवाल ही नहीं उठता। अगर जमीन सरकारी है, तो वह खाली होगी ही।'

ऑन द स्पॉट होगा समाधान

प्रशासनिक व्यवस्था को लोगों के और करीब लाने के लिए मुख्यमंत्री ने 'सहयोग कार्यक्रम' शुरू करने की घोषणा की। इस पहल के तहत हर महीने पंचायत स्तर पर दो-दिवसीय शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में जिला और प्रखंड स्तर के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे, ताकि पेंशन, राशन कार्ड, भूमि म्यूटेशन (नामांतरण) और पुलिस से जुड़े मामलों में ग्रामीणों की समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

तारापुर को इको-टूरिज्म का उपहार

अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने 12.49 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिनका उद्देश्य ढोल पहाड़ी को एक इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र न केवल प्राकृतिक सुंदरता का केंद्र है, बल्कि पर्यटन के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

मोदी और नीतीश के विजन को आगे बढ़ाने का संकल्प

सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार ने उन्हें एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। नीतीश कुमार के कार्यकाल के दौरान सड़क बुनियादी ढांचे, बिजली आपूर्ति और जल प्रबंधन में हुए सुधारों की सराहना करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि उनकी सरकार अब इन बुनियादी सुविधाओं को और भी अधिक सुदृढ़ और जवाबदेह बनाने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने हाल ही में घोषित 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने के निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सरकार की वित्तीय मजबूती और जन कल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है।