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पेपर लीक, सेटिंग और बड़े नेता का दबाव! दिलीप कुमार ने गिनाईं वजहें, बताया पूर्व DGP ने क्यों छोड़ा BSSC चेयरमैन का पद

IPS Alok Raj: BSSC चेयरमैन के पद से पूर्व DGP आलोक राज के इस्तीफे को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। छात्र नेता दिलीप ने आरोप लगाया है कि यह फैसला निजी कारणों से नहीं, बल्कि पेपर लीक, भर्ती में गड़बड़ी और राजनीतिक दबाव से जुड़ा है।

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पटना

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Anand Shekhar

Jan 07, 2026

IPS Alok Raj Resignation

IPS आलोक राज (फोटो- FB@Alok Raj)

IPS Alok Raj: बिहार के पूर्व DGP आलोक राज आजकल सुर्खियों में हैं। वजह है बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) के अध्यक्ष पद से उनका इस्तीफा। बिहार सरकार ने रिटायरमेंट के तुरंत बाद उन्हें BSSC का चेयरमैन बनाया था और उन्होंने पदभार भी संभाल लिया था, लेकिन सिर्फ दो दिन बाद ही मंगलवार को उन्होंने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने निजी कारण को इस्तीफे की वजह बताया हैं। अब इस पूरे मामले को लेकर छात्र नेता दिलीप कुमार ने एक वीडियो जारी कर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि आलोक राज का यह इस्तीफा किसी सामान्य प्रशासनिक कारण का नतीजा नहीं है, बल्कि यह BSSC के अंदर कथित पेपर लीक, हेरफेर और राजनीतिक दबाव की ओर इशारा करता है।

छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि आलोक राज की छवि एक सख्त, ईमानदार और साफ-सुथरे प्रशासनिक अधिकारी की है। ऐसे अधिकारी का नियुक्ति के तुरंत बाद इस्तीफा देना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि BSSC लंबे समय से पेपर लीक, अनियमितताओं और हेरफेर के आरोपों से घिरा रहा है और शायद आलोक राज इस सिस्टम से समझौता नहीं करना चाहते थे।

लंबित भर्तियों पर सवाल

छात्र नेता ने बताया कि BSSC द्वारा आयोजित दूसरी इंटर-स्तरीय परीक्षा अभी होनी बाकी है, CGL-4 परीक्षा होनी बाकी है, कई अन्य पदों के लिए वैकेंसी निकाली गई हैं और कई अन्य पदों के लिए वैकेंसी आने की उम्मीद है। लगभग 24,000 पदों पर भर्तियां भी लंबित हैं। दिलीप का आरोप है कि सितंबर 2023 में नोटिफिकेशन जारी होने के बावजूद न तो प्रारंभिक परीक्षा की तारीख घोषित की गई है और न ही चयन प्रक्रिया आगे बढ़ी है। इसके उलट, फॉर्म भरने का लिंक बार-बार खोला जा रहा है, जिससे शक और गहरा होता है।

ऑनलाइन परीक्षा और एजेंसी पर विवाद

छात्र नेता ने यह भी सवाल उठाया कि जब नोटिफिकेशन में इसका कोई जिक्र नहीं था, तो अचानक ऑनलाइन परीक्षाओं पर इतना जोर क्यों दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आलोक राज पर परीक्षा कराने का ठेका एक ब्लैकलिस्टेड एजेंसी को देने का दबाव बनाया जा रहा था। दिलीप के अनुसार, एक सीनियर पत्रकार ने यह भी बताया था कि किसी प्रभावशाली नेता के दबाव में एजेंसी को फेवर किया जा रहा था, इस दावे को आलोक राज ने नकार दिया।

BPSC की 67वीं परीक्षा के पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए दिलीप कुमार ने कहा कि उस समय भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आई थीं, कई अधिकारियों के नाम सामने आए थे। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में जिन अधिकारियों से पूछताछ की गई थी, उन्हें BPSC से तो हटा दिया गया, लेकिन बाद में BSSC में पद दिए गए। उनके अनुसार, घटनाओं का यह पूरा सिलसिला भर्ती संस्थानों में सुधार की तत्काल जरूरत को दिखाता है।

मुख्यमंत्री से जांच की मांग

छात्र नेता ने सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपील करते हुए कहा कि उनकी छवि एक ईमानदार नेता और सुशासन देने वाले की रही है, लेकिन कुछ अधिकारी और नेता इस वक्त भर्ती आयोगों में धांधली और सेटिंग का खेल चला रहे हैं, जो इस छवि को खराब कर रहे हैं। उन्होंने आलोक राज के इस्तीफे की उच्च स्तरीय जांच की मांग की ताकि यह पता चल सके कि उन पर कौन दबाव डाल रहा था और BSSC के अंदर ईमानदार काम में कौन रुकावट डाल रहा था।

बेदाग रिकॉर्ड वाले चेयरमैन की जरूरत

दिलीप कुमार ने कहा कि BSSC जैसे संवेदनशील आयोग में कोई भी समझौता लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। उन्होंने मांग की कि या तो आलोक राज को BSSC के चेयरमैन के पद पर बहाल किया जाए या इसी तरह की साफ छवि वाले किसी दूसरे अधिकारी को यह जिम्मेदारी दी जाए।