6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गोल्ड लूट का मास्टरमाइंड प्रिंस एनकाउंटर में ढेर, 7 राज्यों से लूटा था 300KG सोना; पटना पुलिस की कस्टडी से हुआ था फरार

Bihar Police Encounter: बिहार STF और वैशाली पुलिस ने एक जॉइंट ऑपरेशन में सुबोध सिंह गैंग के प्रिंस कुमार को मार गिराया है। इस गैंग ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, चेन्नई और ओडिशा में सोने की बड़ी चोरियां की हैं। पुलिस ने प्रिंस सरेंडर करने का मौका दिया था, लेकिन जब उसने पुलिसवालों पर फायरिंग की, तो जवाबी फायरिंग में उसे मार गिराया।

2 min read
Google source verification

पटना

image

Anand Shekhar

Feb 06, 2026

bihar police encounter

वैशाली एसपी विक्रम सिहाग (फोटो- vaishali Police FB)

Bihar Police Encounter: बिहार के वैशाली जिले में शुक्रवार को पुलिस और STF के एक जॉइंट ऑपरेशन में गोल्ड लूट गैंग के कुख्यात मास्टरमाइंड प्रिंस उर्फ ​​अभिषेक को एक एनकाउंटर में मार गिराया गया। यह एनकाउंटर सदर थाना इलाके के हनुमान नगर कॉलोनी में हुआ, जहां पटना STF और वैशाली पुलिस ने उसे ढेर कर दिया। प्रिंस देश के सात राज्यों में सक्रिय उस गिरोह का सरगना था, जिसने अब तक 300 किलो से ज्यादा सोना लूटने की वारदातों को अंजाम दिया था।

शुक्रवार सुबह बिहार पुलिस STF को जानकारी मिली कि वॉन्टेड क्रिमिनल प्रिंस हनुमान नगर कॉलोनी में एक किराए के मकान में छिपा हुआ है। जानकारी वेरिफाई करने के बाद वैशाली पुलिस के साथ मिलकर इलाके को घेर लिया गया। जब पुलिस टीम उसे पकड़ने के लिए रेड करने पहुंची, तो प्रिंस ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में STF ने भी फायरिंग की, जिसमें प्रिंस गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

फायरिंग से इलाके में दहशत

चश्मदीदों के मुताबिक, अचानक हुई फायरिंग से कॉलोनी में दहशत फैल गई। एनकाउंटर के दौरान प्रिंस का एक साथी भी गोली लगी, जिससे वो घायल हो गया और पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से हथियार भी बरामद किए गए हैं और उसके खिलाफ एक अलग केस दर्ज किया गया है।

6 महीने पहले पटना पुलिस की कस्टडी से भागा था

प्रिंस का एक लंबा और सनसनीखेज क्रिमिनल रिकॉर्ड रहा है। वह 4 सितंबर 2025 को पटना पुलिस की कस्टडी से भाग गया था। बताया जाता है कि उसे इलाज के लिए PMCH (पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल) लाया गया था, जहां उसने फिल्मी अंदाज में पुलिस को चकमा दिया और भाग गया। इसके बाद उसने पंजाब और दूसरे राज्यों में सोने की डकैतियां कीं।

28 से ज्यादा क्रिमिनल केस, दो लाख रुपये का इनाम

प्रिंस के खिलाफ कुल 28 से अधिक क्रिमिनल केस दर्ज थे, जिनमें हत्या, डकैती, रंगदारी और पुलिस पर हमले शामिल हैं। वह हाजीपुर कोर्ट में एक पुलिस कांस्टेबल की हत्या का भी मुख्य आरोपी था। सरकार ने उसकी गिरफ्तारी पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

सुबोध गैंग का राइट-हैंड मैन

प्रिंस कुख्यात अपराधी सुबोध सिंह का सबसे भरोसेमंद शूटर और राइट-हैंड मैन था। सुबोध अभी जेल में है, लेकिन गैंग का नेटवर्क जेल के अंदर और बाहर दोनों जगह से चल रहा था। प्रिंस अपराधों को अंजाम देता था, जबकि सुबोध जेल से ही प्लानिंग करता था। इस गैंग का नेटवर्क बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा और चेन्नई तक फैला हुआ था।

नेपाल कनेक्शन की भी जांच जारी

पुलिस को शक था कि प्रिंस एनकाउंटर से पहले नेपाल भागने की प्लानिंग कर रहा था। वह पहले भी फरार होने के दौरान कुछ समय के लिए नेपाल में छिपा था। इसी शक के चलते पुलिस उसे ढूंढने के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी।

वैशाली के पुलिस सुपरिटेंडेंट विक्रम सिहाग ने बताया कि 2 लाख से ज्यादा के इनामी अपराधी प्रिंस उर्फ अभिजीत के बारे में सूचना मिली थी। छापेमारी की गई। अपराधी ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में अपराधी को गोली लगी। उसे अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसकी मृत्यु हो गई। FSL टीम ने घटनास्थल पर जांच की है। हथियार भी बरामद हुआ है।