बिहार चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन टिकट बंटवारे के दौरान कुछ फैसले पार्टी के लिए असहज स्थिति भी पैदा कर गए। खासकर, कायस्थ समुदाय में यह भावना थी कि बीजेपी ने इस बार उन्हें पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया है। पार्टी के तीन कायस्थ विधायकों में से सिर्फ नितिन नवीन को टिकट मिला था, जबकि कुम्हरार से लगातार जीत रहे अरुण कुमार सिन्हा और नरकटियागंज की विधायक रश्मि वर्मा का टिकट काट दिया गया था। कुम्हरार जैसी सीट पर, जहां कायस्थ वोटरों की निर्णायक भूमिका है, वैश्य समुदाय के उम्मीदवार को उतारने के फैसले से कई संगठनों में नाराजगी थी।