
झारखंड राज्य सभा चुनाव से पहले तेजस्वी यादव के साथ बन्ना गुप्ता और प्रणव झा। फोटो- FB Dr Akhilesh Prasad Singh
झारखंड में राज्य सभा की दो सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पटना से रांची तक बैठकों का दौर जारी है। राज्यसभा के कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा, झारखंड के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता और राज्यसभा सदस्य अखिलेश प्रसाद सिंह ने सोमवार को पटना में तेजस्वी यादव से मुलाकात कर अपनी रणनीति को अंतिम रूप दिया। वहीं, झारखंड में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने झामुमो प्रमुख और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ भी बैठक की।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी का मैदान में डटे रहना हॉर्स ट्रेडिंग का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उनके पास केवल 24 वोट हैं, तो जीत के लिए आवश्यक बाकी वोटों का इंतजाम कहां से होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी विधायक इस तरह के किसी भी खेल में शामिल होगा, जनता आगामी विधानसभा चुनाव में उसका हिसाब लेगी।
वहीं, परिमल नाथवानी ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब वह झारखंड से चुनाव लड़ रहे हैं। इससे पहले भी वह यहां से चुनाव लड़ चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें पहले भी भाजपा और आजसू का समर्थन प्राप्त था और आज भी है। उन्होंने कहा कि जब एनडीए के पास अपने 24 वोट हैं तो हॉर्स ट्रेडिंग की बात ही नहीं उठती। कांग्रेस के पास मात्र 18 वोट हैं। इधर, झामुमो के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि इंडिया गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और उनके विधायकों को कोई भी खरीद नहीं सकता।
राज्यसभा की दोनों सीटों पर अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए आज (मंगलवार) इंडिया गठबंधन के सभी विधायक और प्रमुख नेताओं की मुख्यमंत्री आवास पर बैठक होगी। यह बैठक 16 और 17 जून तक चलेगी। इस दौरान विधायकों से मॉक पोल भी कराया जाएगा, ताकि मतदान के दिन किसी भी तरह की गलती की कोई संभावना न रहे। सूत्रों के अनुसार, 18 जून को मतदान के दिन महागठबंधन के सभी विधायक पहले मुख्यमंत्री आवास पर एकत्र होंगे और उसके बाद एक साथ विधानसभा पहुंचकर मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे।
राज्य सभा की दो सीटों पर चुनाव होना है। महागठबंधन के पास दोनों सीटों पर जीत के लिए आवश्यक संख्या में वोट मौजूद हैं। एक सीट जीतने के लिए लगभग 28 प्रथम वरीयता के वोटों की जरूरत होगी, जो कि गठबंधन (झामुमो+कांग्रेस+राजद) के पास है। वहीं एनडीए गठबंधन के पास अपने 24 वोट हैं। ऐसे में एनडीए समर्थित परिमल नाथवानी को जीत के लिए 4 अतिरिक्त वोटों की आवश्यकता है। इन्हीं 4 वोटों को लेकर हॉर्स ट्रेडिंग की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इंडिया और एनडीए गठबंधन के बीच इसी मुद्दे को लेकर आशंकाओं और बयानों में तल्खी बढ़ गई है। परिमल नाथवानी ने ‘अंतरात्मा की आवाज’ और ‘सोरेन परिवार’ से अपने पुराने संबंधों का उल्लेख करते हुए चुनावी हलचल को और बढ़ा दिया है।
Published on:
16 Jun 2026 10:16 am
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