प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत मामले का संज्ञान लिया है। आयोग ने प्रारंभिक तौर पर माना है कि शिकायत में लगाए गए आरोप पीड़ित के मानवाधिकारों के उल्लंघन की ओर संकेत करते हैं। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ता विशाल रंजन दफ्तुआर ने 10 जून को आयोग को पत्र भेजकर मामले की शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद को एक अन्य कोचिंग संस्थान के संचालक के प्रभाव में पुलिस ने मनमाने ढंग से गिरफ्तार किया। साथ ही यह भी दावा किया गया है कि उन्हें एक आपराधिक मामले में झूठा फंसाया गया है।