इधर, कांग्रेस के पास पिछले 10 वर्षों से प्रदेश कमेटी ही नहीं है। 2015 में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी के पार्टी छोड़ने के बाद से अभी तक प्रदेश कमेटी का गठन नहीं हुआ है। इस दौरान कई प्रदेश अध्यक्ष आए‑गए, पर कमेटी बन नहीं पाई। ऐसे में कांग्रेस को बिहार में खड़े होने के लिए एक सहयोगी की जरूरत है, जो वह जनसुराज में देख रही है।