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लव-जिहाद और धर्मांतरण पर सदन में हंगामा, BJP विधायक बोले- हिंदू लड़की को लेकर भाग रहे मुस्लिम

बिहार विधानसभा के बजट सत्र का आखिरी दिन भी हंगामेदार रहा। विकास के मुद्दों के बजाय सेशन के आखिरी दिन लव जिहाद और धर्म परिवर्तन पर जोरदार बहस हुई। BJP विधायकों ने आंकड़ों के जरिए अपनी ही सरकार से सवाल पूछे, जबकि विपक्षी पार्टियों ने इसे ध्रुवीकरण की राजनीति बताया।

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पटना

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Anand Shekhar

Feb 27, 2026

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बिहार विधानसभा में हंगामा (फ़ोटो- वीडियो ग्रैब)

Bihar News: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को सदन में उस समय माहौल गरमा गया जब भाजपा के 12 विधायकों ने एकमत होकर राज्य में "लव जिहाद" और "धर्म परिवर्तन" के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग की। ध्यानाकर्षण नोटिस के जरिए, BJP सदस्यों ने दावा किया कि बिहार में ईसाई और मुस्लिम आबादी में असामान्य और अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो रही है, जो भविष्य के लिए चिंता की बात है।

ईसाई आबादी में 143% की बढ़ोतरी

बीजेपी विधायक वीरेंद्र कुमार ने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कुछ चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा कि ईसाइयों की नेशनल ग्रोथ रेट 15.52% है, जबकि बिहार में यह आंकड़ा 143.23% तक पहुंच गया है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में अब तक 5,000 से ज्यादा चर्च बन चुके हैं। वीरेंद्र कुमार ने कहा कि यह सिर्फ एक सामाजिक मुद्दा नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का भी मामला है और सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

हिसुआ MLA अनिल कुमार ने वीरेंद्र कुमार के साथ सुर मिलाते हुए कहा कि बॉर्डर के जिलों (खासकर सीमांचल) में मुस्लिम आबादी में भी बहुत ज़्यादा बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने मांग की कि अगर धर्म बदलने को रोकने के लिए जल्द ही कड़े कानून नहीं बनाए गए, तो राज्य की डेमोग्राफिक्स पूरी तरह बदल जाएगी।

जाति नहीं बदली जा सकती, तो धर्म कैसे?

जाले MLA जीवेश मिश्रा ने इस मुद्दे पर सरकार से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने कहा, "जब हमें अपनी जाति बदलने की इजाजत नहीं है, तो हम अपना धर्म कैसे बदल सकते हैं? मेरा बड़ा सवाल यह है कि लोग धर्म बदलने के बाद रिजर्वेशन का फायदा कैसे उठाते हैं?" जीवेश मिश्रा ने साफ कहा कि लव जिहाद के मामले बढ़ रहे हैं और जब तक सख़्त कानून नहीं बनाए जाते, हिंदू बेटियों को निशाना बनाया जाता रहेगा।

सदन के बाहर मीडिया से बात करते हुए जीवेश मिश्रा ने उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि उनके चुनाव क्षेत्र (जाले) में यादव परिवार की एक नाबालिग लड़की को मोहम्मद सितारा नाम के एक आदमी भागा कर ले गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वह आदमी खुद दो बच्चों का पिता है, फिर भी उसने एक नाबालिग को निशाना बनाया।

इसी तरह, BJP विधायक मिथिलेश तिवारी ने दावा किया कि उनके चुनाव क्षेत्र में लोहार जाति की एक लड़की को दूसरे धर्म के एक युवक ने बहला-फुसलाकर किडनैप कर लिया और बाद में उसके बच्चे की हत्या कर दी गई।

अभी कोई कानून विचाराधीन नहीं

BJP के आक्रामक रुख के बीच, प्रभारी गृह मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि राज्य में धर्म परिवर्तन रोकने के लिए नया कानून लाने का कोई प्रस्ताव अभी विचाराधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोई गैर-कानूनी गतिविधि होती है, तो कानून के तहत कार्रवाई की जाती है, लेकिन सरकार अलग से धर्म परिवर्तन विरोधी कानून बनाने पर विचार नहीं कर रही है। हालांकि, BJP विधायकों के भारी हंगामे और आंकड़ों को देखते हुए, स्पीकर ने सरकार को पूरे मामले की गंभीरता से समीक्षा करने का निर्देश दिया है।

विपक्ष का पलटवार

AIMIM विधायक और प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने विधानसभा में इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह सब जनता का ध्यान विकास के असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश है। उन्होंने कहा, "जब तक हम बंटे रहेंगे, ये लोग हमें बांटते रहेंगे।"