
तेजस्वी यादव। Image Source: Instagram@
Bihar Politics: बिहार की राजनीति में एक बार फिर नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा Z कैटेगरी से घटाकर Y+ किए जाने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। जहां राष्ट्रीय जनता दल (RJD) इसे बदले की राजनीति बता रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह से नियमों और सुरक्षा आकलन के आधार पर लिया गया है।
तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कटौती को लेकर उठाए गए सवालों पर बिहार सरकार के मंत्री जमा खान ने साफ और कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा किसी व्यक्ति के पद या राजनीतिक दल के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी सार्वजनिक गतिविधियों, कामकाज और खतरे के आकलन के अनुसार तय की जाती है। मंत्री जमा खान ने कहा कि तेजस्वी यादव अक्सर विधानसभा से गैर-हाजिर रहते हैं और अब पहले के मुकाबले जनता से कम मिलते हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा किया गया आकलन पूरी तरह से नियमों के अनुसार है।
मंत्री जमा खान ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार न तो किसी को दबाती है और न ही किसी के साथ पक्षपात करती है। उन्होंने साफ किया कि राज्य सरकार के पास सुरक्षा देने के लिए नियम-कानूनों का एक सेट है, जिसके तहत सभी फैसले लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई नेता लंबे समय तक विधानसभा से अनुपस्थित रहता है और उसकी सार्वजनिक गतिविधियां सीमित हो जाती हैं, तो सुरक्षा स्तर की समीक्षा करना स्वाभाविक है। यह फैसला राजनीतिक नहीं है, बल्कि पूरी तरह से प्रशासनिक और पेशेवर प्रक्रिया के तहत लिया गया है।
इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता शक्ति यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कटौती यह दिखाती है कि सत्ता पक्ष विपक्ष की आवाज से डरा हुआ है। शक्ति यादव ने सवाल उठाया कि सत्ता पक्ष अपने प्रदेश अध्यक्षों, मंत्रियों और केंद्रीय नेताओं की सुरक्षा बढ़ा रहा है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष की सुरक्षा घटा रहा है, तो यह किस तरह की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए एक खतरनाक संकेत बताया।
RJD प्रवक्ता ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी ने मान लिया है कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है, और इसी डर के कारण उसके नेताओं को Z-कैटेगरी की सुरक्षा दी जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सिर्फ सत्ताधारी पार्टी के नेताओं को ही सबसे ज्यादा सुरक्षा की जरूरत है? शक्ति यादव ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र का एक अहम स्तंभ है, और उसकी आवाज को दबाने की कोशिशें आखिरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करेंगी।
सरकारी आदेश के मुताबिक, BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, JDU सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, BJP बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे को Z कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है। वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की सुरक्षा Y से बढ़ाकर Y+ कर दी गई है। इसके उलट, तेजस्वी यादव की सुरक्षा Z से घटाकर Y+ कर दी गई है, जबकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की सुरक्षा पूरी तरह से हटा ली गई है।
Published on:
23 Jan 2026 03:13 pm
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