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पड़ोसी ही निकला 10 साल की बच्ची का कातिल; फुसलाकर ले गया घर, रेप में नाकाम हुआ तो कर दी हत्या

पटना में 10 वर्षीय बच्ची की हत्या का मामला सुलझाते हुए पुलिस ने आरोपी रंजीत को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी बच्ची के पड़ोस में ही रहता था और उसे हमेशा टॉफी दिया करता था।
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पटना

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Anand Shekhar

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Updated: 26 Apr 2026, 5:19 PM IST

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10 साल की बच्ची की हत्या के मामले का खुलासा करते SSP पटना

Bihar News: पटना के बाईपास थाना क्षेत्र में 10 साल की मासूम बच्ची के लापता होने और फिर उसकी लाश मिलने के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। जिस पड़ोसी रंजीत कुमार (39 वर्ष) को बच्ची अंकल कहकर बुलाती थी, वही उसका कातिल निकला। पुलिस ने रविवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी ने बच्ची के साथ पहले दुष्कर्म की कोशिश की थी, लेकिन नाकाम रहने पर उसने मासूम का सिर पत्थर की लोढ़ी से कुचलकर उसे मौत के घाट उतार दिया।

दूध देकर लौट रही थी बच्ची

इस पूरे मामले की शुरुआत 22 अप्रैल (बुधवार) की सुबह हुई। छठी कक्षा की छात्रा अपनी दादी के कहने पर स्कूल जाने से पहले पड़ोस में दूध देने गई थी। बच्ची जब दूध देकर वापस लौट रही थी तो पेशे से ठेला चालक आरोपी रंजीत ने बच्ची को अकेला देख बहला-फुसलाकर अपने कमरे में बुला लिया। आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि वो पिछले डेढ़ महीने से बच्ची पर नजर रखे हुए था और उसे अक्सर टॉफी और पैसों का लालच देकर फुसलाने की कोशिश करता था।

रेप की कोशिश और फिर बेरहमी से कत्ल

पूरे मामले की जानकारी देते हुए पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि बच्ची को कमरे में ले जाने के बाद आरोपी ने दरवाजा बंद कर दिया और उसका रेप करने की कोशिश की। लेकिन, जब बच्ची को खतरे का एहसास हुआ और उसने शोर मचाया, तो पकड़े जाने के डर से रंजीत एक दरिंदा बन गया। उसने कमरे में रखी मसाला पीसने वाली पत्थर की लोढ़ी उठाई और बच्ची के सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए। प्रहार इतने जबरदस्त थे कि बच्ची ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

दिन भर बेड के नीचे छिपा कर रखा शव, गश्ती देख गली में फेंका

हत्या करने के बाद आरोपी रंजीत ने सबूत मिटाने के लिए बच्ची के शव को एक कंबल में लपेटा और उसे अपने बिस्तर के नीचे छिपा दिया। जब बच्ची के परिवार वाले और पड़ोसी उसे ढूंढ रहे थे, तब वह पूरे दिन सामान्य व्यवहार करता रहा ताकि किसी को कोई शक न हो। देर रात जब गली में सन्नाटा छा गया तो वह शव को पास के एक तालाब में फेंककर ठिकाने लगाने के लिए निकला। लेकिन ठीक उसी समय उसे पुलिस की गश्ती गाड़ी का सायरन सुनाई दिया। घबराहट में उसने शव को वहीं पास की एक गली में फेंक दिया और भागकर अपने कमरे में वापस चला गया।

डॉग स्क्वायड और खून के निशानों ने पहुंचाया कातिल तक

गुरुवार की सुबह जब गली में कंबल में लिपटी लाश मिली तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने जांच के लिए डॉग स्क्वायड और FSL की टीम को बुलाया। इलाके की छानबीन के दौरान पुलिस को पास के एक कचरे के ढेर से खून से सने कपड़े और दूध का केन मिला। डॉग स्क्वायड की टीम ने उन कपड़ों की गंध के जरिए सीधे आरोपी रंजीत के घर का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने रंजीत के कमरे की तलाशी ली तो वहां दीवार पर खून के छींटे, खून से सनी लोढ़ी और तकिए बरामद हुए। वैज्ञानिक साक्ष्यों के सामने आरोपी टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया।

5 अन्य को भी किया गया गिरफ्तार

बच्ची की लाश मिलने के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने पटना-फतुहा रोड जाम कर दिया था और टायर जलाकर प्रदर्शन किया था। पुलिस ने बताया कि इस दौरान कुछ उपद्रवियों ने जांच कार्य में बाधा डाली, जिनके खिलाफ अलग से प्राथमिकी दर्ज कर 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी रंजीत को जेल भेज दिया गया है और पुलिस उसके खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर जल्द सजा दिलाने की तैयारी में है।