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‘CBI भी निकली लकीर की फकीर…’ NEET छात्रा केस की जांच पर भड़कीं रोहिणी, लगाया सबूत मिटाने वालों को बचाने का आरोप

NEET छात्रा के साथ बलात्कार और मौत के मामले में CBI जांच की रफ्तार ने एक बार फिर बिहार के राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट साझा करते हुए, लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने जांच एजेंसी के कामकाज को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

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पटना

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Anand Shekhar

Mar 20, 2026

रोहिणी आचार्य

रोहिणी आचार्य (rohini acharya FB)

राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा के कथित बलात्कार और हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए सीबीआई (CBI) की जांच को दिशाहीन और खानापूर्ति करार दिया है। रोहिणी ने आरोप लगाया कि सीबीआई भी बिहार पुलिस की एसआईटी की तरह लकीर की फकीर साबित हो रही है।

डेढ़ महीने बाद भी नतीजा शून्य

रोहिणी आचार्य ने अपनी पोस्ट में लिखा कि सीबीआई को जांच शुरू किए करीब डेढ़ महीना बीत चुका है, लेकिन एजेंसी अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। उन्होंने जांच में बरती जा रही कोताही और लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। रोहिणी ने दावा किया कि इस मामले की हर सुनवाई के दौरान माननीय न्यायालय द्वारा जांच प्रक्रिया पर तल्ख टिप्पणियां की जा रही हैं। कोर्ट के इसी दबाव के कारण सीबीआई को अपना जांच अधिकारी (IO) तक बदलना पड़ा है।

परिजनों पर दबाव बनाने का आरोप

रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाया कि बिहार पुलिस की तर्ज पर अब सीबीआई भी मृतका के परिजनों को बार-बार पूछताछ के नाम पर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही है। उन पर बार-बार यह दबाव बनाया जा रहा है कि वे इस मामले को आत्महत्या मान लें। रोहिणी ने सवाल किया कि आखिर क्यों अभी तक उन डॉक्टरों और अस्पताल संचालकों से पूछताछ नहीं की गई, जो सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने के घेरे में आए थे? रोहिणी ने सवाल किया कि आखिर जांच की दिशा क्यों भटक रही है और किन कारणों से असली पहलुओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।

न्यायिक जांच ही आखिरी उम्मीद

रोहिणी आचार्य ने स्पष्ट किया कि जिस तरह से जांच की दिशा भटकी हुई है, उससे न्याय मिलना मुश्किल लग रहा है। उन्होंने मृतका के परिजनों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि जांच की अब तक की दशा और दिशा देखकर यही लगता है कि अब न्यायिक जांच से ही न्याय मिलने की उम्मीद है, अन्यथा न्याय मिलना तो दूर, पूरा मामला ठंडे बस्ते में जाता हुआ दिख रहा है।

बिहार पुलिस पर भी साधा निशाना

रोहिणी आचार्य ने बिहार पुलिस और एसआईटी की शुरुआती जांच को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरू से ही मामले को दबाने और लीपापोती करने की कोशिश की गई है और अब सीबीआई भी उसी रास्ते पर चल रही है।