20 मार्च 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जैसे ही हाथ में पकड़े पैसे, विजिलेंस ने लिया दबोच! 12000 के लिए महिला अफसर ने दांव पर लगाई साख

Bihar News: नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में, विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई की है। एक महिला अधिकारी, जो विकास योजनाओं से जुड़ी फाइलों को जल्द आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत की मांग कर रही थी, अब सलाखों के पीछे है।

2 min read
Google source verification

पटना

image

Anand Shekhar

Mar 20, 2026

bihar news, vigilance raid

महिला अफसर को गिरफ्तार कर ले जाती विजिलेंस की टीम

Bihar News: विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने बिहार के नालंदा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई में एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। विजिलेंस टीम ने एक महिला अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। नागरनौसा प्रखंड की ब्लॉक पंचायत राज अधिकारी (BPRO) अनुष्का कुमारी को विजिलेंस टीम ने उनके दफ्तर के अंदर ही 12,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए धर दबोचा। इस कार्रवाई से पूरे जिले के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

छठ घाट की सीढ़ी के लिए रिश्वत

यह पूरा मामला विकास योजनाओं में कमीशनखोरी से जुड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, नागरनौसा ब्लॉक के खपुरा गांव के रहने वाले अजय कुमार ने स्थानीय छठ घाट पर सीढ़ियों के निर्माण से जुड़ी एक सरकारी योजना की मंजूरी लेने और संबंधित फाइल की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए BPRO अनुष्का कुमारी से संपर्क किया था।

आरोप है कि अनुष्का कुमारी ने जनहित से जुड़ी इस योजना की फाइल को आगे बढ़ाने के बदले 12,000 रुपये की रिश्वत (जिसे सुविधा शुल्क कहा गया) की मांग की। अजय कुमार ने उनसे कई बार गुहार लगाई कि वे बिना पैसे मांगे काम कर दें, लेकिन मैडम टस से मस नहीं हुईं। आखिरकार, कोई और विकल्प न बचने पर, पीड़ित व्यक्ति ने पटना में विजिलेंस विभाग के दफ्तर में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

विजिलेंस ने किया ट्रैप

शिकायत मिलने पर, विजिलेंस विभाग ने गोपनीय तरीके से आरोपों की जांच की और इस बात की पुष्टि की कि वाकई रिश्वत की मांग की गई थी। इसके बाद, एक विशेष टीम का गठन किया गया और ट्रैप करने की योजना तैयार की गई। शुक्रवार को, योजना के अनुसार कार्रवाई करते हुए, जैसे ही अजय कुमार 12,000 रुपये की रिश्वत की रकम लेकर पहुंचे और उसे अनुष्का कुमारी को सौंपा, पहले से सादे लिबास में घात लगाकर बैठे निगरानी के अधिकारियों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया।

गिरफ्तारी के बाद, दफ्तर के अंदर एक नाटकीय दृश्य देखने को मिला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस पल विजिलेंस टीम ने उन्हें पकड़ा, अनुष्का कुमारी चीखने-चिल्लाने लगीं और उन्हें काबू करने की कोशिश कर रही महिला अधिकारियों की पकड़ से छूटने के लिए संघर्ष करने लगीं। हालांकि, चौकस महिला पुलिस अधिकारियों और विजिलेंस अधिकारियों के सामने उनकी एक न चली।

भ्रष्टाचार में 'माहिर खिलाड़ी' होने के आरोप

अनुष्का कुमारी की गिरफ्तारी की खबर पूरे ब्लॉक में जंगल की आग की तरह फैल गई। उनकी गिरफ्तारी के बाद, कई अन्य ग्रामीण सामने आए और आरोप लगाया कि मैडम बिना रिश्वत लिए किसी भी फाइल पर दस्तखत नहीं करती थीं। बताया जा रहा है कि हर योजना के लिए, चाहे वह छोटी हो या बड़ी, उनका हिस्सा पहले से तय होता था। विजिलेंस टीम अब अनुष्का के कार्यकाल के दौरान मंजूर की गई अन्य फाइलों के साथ-साथ उनके बैंक खातों की भी बारीकी से जांच कर रही है।

आगे क्या होगा?

विजिलेंस टीम ने आरोपी महिला अधिकारी को हिरासत में ले लिया है और उन्हें पटना ले गई है, जहाँ पूछताछ के बाद उन्हें एक विशेष विजिलेंस अदालत के सामने पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी सरकारी कर्मचारी, जो सरकारी काम करने के बदले पैसे की मांग करता है, उसे बख्शा नहीं जाएगा।