
सम्राट चौधरी (फोटो सोर्स : IANS)
Bihar Cabinet: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में नए मंत्रिपरिषद की पहली औपचारिक बैठक बुधवार को हुई। लगभग एक घंटे तक चली इस उच्च-स्तरीय बैठक में 22 महत्वपूर्ण एजेंडों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव भी मौजूद रहेब। इसी पहली बैठक में सरकार ने राज्य के शहरी बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने, पुलिस बल की गतिशीलता बढ़ाने और धार्मिक पर्यटन को विश्व-स्तरीय दर्जा दिलाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण वित्तीय प्रावधान किए।
शहरीकरण के क्षेत्र में अब तक का सबसे महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सम्राट सरकार ने राज्य के 11 प्रमुख शहरों में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना को मंजूरी दी है। सरकार का उद्देश्य बिना योजना के बनी कॉलोनियों के विस्तार पर रोक लगाना और भू-माफिया पर नकेल कसना है। इसके परिणामस्वरूप इन टाउनशिप के लिए निर्धारित क्षेत्रों के भीतर जमीन के पंजीकरण, हस्तांतरण और किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर अभी से प्रभावी तत्काल रोक लगा दी गई है।
पटना, सोनपुर, गयाजी, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर के लिए मास्टर प्लान 31 मार्च 2027 तक अधिसूचित किए जाने हैं। वहीं, मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी के लिए यह समय सीमा 30 जून 2027 निर्धारित की गई है।
महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कैबिनेट ने पुलिस बल के आधुनिकीकरण के लिए 66.75 करोड़ रुपये की राशि मंज़ूर की है। सरकार 1,500 महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटर उपलब्ध कराएगी, ताकि वे संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी त्वरित कार्रवाई कर सकें। इसके अतिरिक्त, 3,200 पुलिसकर्मियों को मोटरसाइकिलें उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसके अलावा, सुरक्षा और डेटा प्रबंधन क्षमताओं को मजबूत करने के उद्देश्य से पटना के राजीव नगर में एक राज्य पुलिस डेटा केंद्र के निर्माण के लिए 172.80 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है।
सोनपुर में स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा हरिहरनाथ मंदिर का कायाकल्प वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने इस भव्य परियोजना के लिए 680 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, तारापुर (मुंगेर) में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए कृषि विभाग की 15 एकड़ जमीन पर्यटन विभाग को बिना किसी शुल्क के हस्तांतरित करने का निर्णय भी लिया गया है।
युवाओं को रोजगार-उन्मुख शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल ने बिहार के 75 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को 3,615 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक प्रशिक्षण केंद्रों में बदलने का निर्णय लिया है। इस पहल में राज्य सरकार का योगदान 1,192.95 करोड़ रुपये होगा। इसके अतिरिक्त, IIT पटना में एक रिसर्च पार्क और एक इंक्यूबेशन सेंटर की स्थापना को भी मंजूरी दे दी गई है, जिसके लिए क्रमश 305 करोड़ रुपये और 39 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
बैठक के दौरान पंजीकरण नियमावली-2026 को भी हरी झंडी दे दी गई। इस नई रूपरेखा के तहत 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रियायतें शुरू की गई हैं। अब, बुज़ुर्गों को पंजीकरण की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके बजाय, उनके लिए घर-घर जाकर पंजीकरण करने की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।
Updated on:
22 Apr 2026 07:54 pm
Published on:
22 Apr 2026 07:52 pm
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