
मामले की छानबीन करने मृतक के घर पहुंची पुलिस
Bihar News: बिहार के पूर्णिया जिले के कस्बा थाना क्षेत्र में एक पत्नी ने अपने ही पति की हत्या कर दी। राधानगर की रहने वाली सुनीता देवी ने अपने पति उमेश सिंह (47) की हत्या कर दी और उसके बाद उनके शव को एक बोरे में भरकर अमौर थाना क्षेत्र के पलसा घाट के पास फेंक दिया। इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी महिला ने खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। उसने पुलिसकर्मियों को बताया कि उसने अपने पति की हत्या कर दी है और उसे तुरंत जेल भेज दिया जाए।
घटना का खुलासा तब हुआ जब मृतक का छोटा बेटा पीयूष अपने घर पहुंचा। घर का नजारा देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। कमरे के फर्श, बरामदे और यहां तक कि तकिए पर भी खून के गहरे धब्बे बिखरे हुए थे। घर से उमेश सिंह और उनकी पत्नी सुनीता दोनों गायब थे। मृतक के बड़े भाई महेश सिंह ने बताया कि आंगन और शौचालय के सेप्टिक टैंक के पास भी भारी मात्रा में खून जमा था, जिससे स्पष्ट था कि घर के भीतर ही किसी बड़ी अनहोनी को अंजाम दिया गया है। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
बताया जा रहा है कि वारदात को अंजाम देने के बाद सुनीता ने शव को एक बोरे में बंद किया और किसी अज्ञात सहयोगी की मदद से उसे बाइक या अन्य वाहन के जरिए कसबा से करीब 20 किलोमीटर दूर अमौर थाना क्षेत्र के पलसा पुल के नीचे नदी किनारे फेंक दिया। जब स्थानीय लोगों ने लावारिस बोरा देखा, तो पुलिस को सूचना दी। अमौर पुलिस ने जब बोरा खोला, तो उसमें उमेश सिंह का लहूलुहान शव बरामद हुआ।
ग्रामीणों के अनुसार, उमेश अपनी पत्नी सुनीता के साथ गांव में ही एक धार्मिक कीर्तन देखने गए थे। वहां से लौटने के बाद देर रात दोनों के बीच फिर से झगड़ा हुआ। आवेश में आकर सुनीता ने घर में रखे धारदार हसुआ (हथियार) से उमेश पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस की प्रारंभिक जांच और परिजनों के बयानों में हत्या के दो मुख्य कारण सामने आ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि सुनीता का गांव के ही पवन कुमार नाम के व्यक्ति से प्रेम संबंध था, जिसका उमेश विरोध करता था। पवन अक्सर उमेश की गैर-मौजूदगी में घर आता था। मृतक के भाई महेश ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से पति-पत्नी के बीच 50,000 रुपये की एक राशि को लेकर विवाद चल रहा था। उमेश ने जब पत्नी से पैसों का हिसाब मांगा, तो उसने कर्ज चुकाने की बात कही, जिससे झगड़ा और बढ़ गया था।
सुनीता देवी जब सेंट्रल जेल के गेट पर सरेंडर करने पहुंची, तो जेल अधिकारियों ने तुरंत स्थानीय केहाट थाने को सूचित किया। केहाट पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिला को हिरासत में लिया और बाद में उसे कसबा पुलिस को सौंप दिया। सदर एसडीपीओ-2 राजेश कुमार और एफएसएल (FSL) की टीम ने घटनास्थल का मुआयना कर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है।
Updated on:
02 Apr 2026 07:18 am
Published on:
02 Apr 2026 07:18 am
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