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Bihar Drug Cases: शराबबंदी के बाद नशीली दवाओं के सेवन में भारी इजाफा, युवाओं में गांजा से लेकर सिथेंटिक ड्रग्स का चलन बढ़ा

Drug Cases in Bihar: बिहार में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने के बाद पिछले 9 वर्षों में नशाखोरी के मामले कम होने की बजाय अप्रत्याशित रूप से बढ़े हैं। वहीं कच्ची और जहरीली शराब पीने से इसी अवधि में राज्य में 190 लोगों की मौत हो चुकी है।

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Drugs Consumption in bihar jump multiple times

बिहार में नशीली दवाओं के सेवन में 400 फीसदी इजाफा हुआ है. (Photo: Patrika)

Bihar jump in drug cases: बिहार में 2016 के अप्रैल महीने में नीतीश सरकार ने अप्रैल 2016 में शराब पीने, खरीदने, बेचने और उत्पादन करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया। नीतीश सरकार ने यह प्रतिबंध राज्य में ​महिलाओं से जुड़े कई संगठनों और समूहों के काफी विरोध और प्रदर्शन के बाद लगाया था। हालांकि, शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने के बाद पिछले 9 वर्षों में कच्ची और जहरीली शराब पीने से राज्य में 190 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (Economic Offences Unit) आंकड़ों के अनुसार इन 9 वर्षों में नशीली दवाओं से संबंधित मामलों में लगभग चार गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

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