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Dussehra 2026 : ग्वालियर की शमी परंपरा क्या है, दशहरे पर यहां सोना नहीं, शुभकामनाएं बांटी जाती हैं

Dussehra 2026: दशहरे पर सिंधिया राजपरिवार की पारंपरिक रस्म अब लोकपरंपरा का रूप ले चुकी है। शमी की पत्तियां घर ले जाकर अपनों को भेंट करने की यह अनूठी परंपरा आस्था, शुभकामना और आपसी प्रेम का प्रतीक है। मराठा समाज की भागीदारी इस आयोजन को सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक स्मृतियों से जोड़ती है। पढ़िए राहुल सिंह गंगवार की खास रिपोर्ट।
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भारत

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Swatantra Mishra

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राहुल सिंह गंगवार

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Oct 19, 2026

Gwalior Shami Tradition

दशहरे की पूजा में पारपंरिक पोशाक में पूजा करते ज्योतिरादित्य सिंधिया। (Photo: Patrika)

Dussehra 2026 : दशहरे पर सोना बांटने की बात हो तो जेहन में कीमती धातु का खयाल आता है, लेकिन ग्वालियर में इस परंपरा का अलग अर्थ है। यहां शमी की पत्तियां ही सोने का प्रतीक बन जाती हैं। इन्हें पाने, घर ले जाने और अपनों को भेंट करने के पीछे धन-दौलत से ज्यादा शुभता, विजय और रिश्तों की मंगलकामना जुड़ी है।

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