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पत्रिका Explainer: जलवायु परिवर्तन के कारण खत्म हो जाएगा तुवालू का अस्तित्व, लोग छोड़ रहे अपना देश

Explainer: 9 प्रवाल द्वीपों और एटोल से बने इस देश की औसत ऊंचाई समुद्र तल से केवल 2 मीटर है, जिससे यह बाढ़, तूफानी लहरों और जलवायु परिवर्तन के असर के प्रति बेहद संवेदनशील है। माना जा रहा है कि अगले 25 साल में इसका बड़ा हिस्सा पूरी तरह से जलमग्न हो जाएगा। पढ़ें किशन शर्मा की रिपोर्ट।

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डूब जाएगा तुवालू द्वीप (फोटो-IANS)

डूब जाएगा तुवालू द्वीप (फोटो-IANS)

Explainer: प्रशांत महासागर (pacific ocean) का बढ़ता जलस्तर छोटे द्वीपीय देश तुवालू को निगलने की कगार पर है। 9 प्रवाल द्वीपों और एटोल से बने इस देश की औसत ऊंचाई समुद्र तल से केवल 2 मीटर है, जिससे यह बाढ़, तूफानी लहरों और जलवायु परिवर्तन के असर के प्रति बेहद संवेदनशील है। नासा के अनुसार, 2023 में समुद्र का स्तर पिछले 30 वर्षों की तुलना में 15 सेंटीमीटर अधिक था। वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले 25 वर्षों में इसका बड़ा हिस्सा जलमग्न होगा और 80 वर्षों में यह पूरी तरह निर्जन हो सकता है।

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