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Infra News: राजस्थान के ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए वर्ष 2026 खास रहने वाला है। इस साल सड़क और रेल से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट जमीन पर उतरते दिखाई देंगे, जिससे ईंधन और समय की बचत होगी।
प्रदेश के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर शानदार बदलाव देखने को मिलेगा। जयपुर जंक्शन नए रंग रूप में नजर आएगा।
जयपुर रेलवे स्टेशन अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तैयार हो रहा है। उम्मीद है कि जुलाई-अगस्त में रेलवे स्टेशन का काम पूरा हो जाएगा और यहां एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
जयपुर शहर का गांधीनगर रेलवे स्टेशन भी इस साल से चमचमाता हुआ नजर आएगा। इनके अलावा राज्य के अजमेर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर सिटी, कोटा जंक्शन, बांदीकुई जंक्शन समेत दर्जनों रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का काम चल रहा है, जो इस वर्ष पूरा हो जाएगा।
नए रेल लाइन प्रोजेक्ट की बात करें तो उत्तर पश्चिम रेलवे की ओर से राजस्थान में 63.56 किलोमीटर लंबा देश का पहला डेडिकेटेड टेस्ट ट्रैक बनाया जा रहा है। इसके भी 2026 में पूरा होने की उम्मीद है। इस ट्रैक पर 220 किलोमीटर प्रति घंटे की गति तक हाई स्पीड रोलिंग स्टॉक का परीक्षण किया जा सकेगा।
इसके अलावा तरंगा हिल-आबूरोड-अम्बाजी (116.65 किलोमीटर), बड़ीसादड़ी-नीमच (48.35 किलोमीटर), रतलाम से डूंगरपुर (191.8 किलोमीटर), पुष्कर-मेड़ता सिटी (51.35 किलोमीटर), रींगस–खाटूश्यामजी (17.49 किलोमीटर), मेड़ता-रास (55.9 किलोमीटर) और पोकरण से रामदेवरा (13.38 किलोमीटर) नई रेल लाइन का काम चल रहा है।
ट्रेनों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए राजस्थान में कई रेल लाइन के दोहरीकरण का कार्य जारी है। राजस्थान के सबसे पुराने रेलमार्ग बांदीकुई-आगरा के दोहरीकरण का काम प्रगति पर है। प्रदेश में सबसे पहली रेल लाइन आगरा फोर्ट से बांदीकुई के बीच अप्रेल 1874 में चली थी। 150 किलोमीटर लंबा यह रेलमार्ग देश के 2 प्रमुख पर्यटन स्थल जयपुर और आगरा को जोड़ता हैं।
इस साल अक्टूबर में बांदीकुई-आगरा रेल लाइन का काम पूरा होने की उम्मीद है। डबल ट्रैक तैयार होने के बाद बांदीकुई से आगरा पहुंचने में करीब सवा घंटे की बचत होगी। यह लाइन 2021 में ही इलेक्ट्रिक हो चुकी है, लेकिन सिंगल ट्रैक होने के चलते इलेक्ट्रिक इंजन की क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा था।
इसके अलावा चूरू-रतनगढ़ (42.81 किमी), चूरू-सादुलपुर (57.82 किमी), अजमेर–चंदेरिया (178.2 किमी), लूणी-समदरी-भीलड़ी (271.97 किमी), जयपुर-सवाई माधोपुर (131.27 किमी), रेवाड़ी-कठुवास (27.73 किमी), कठुवास-नारनौल (24.12 किमी), सवाई माधोपुर बायपास (13.54 किमी) , मारवाड़ बाईपास (3.9 किमी), लालगढ़–बीकानेर ईस्ट (11.08 किमी) और समदरी बायपास लाइन (1.37 किमी) प्रोजेक्ट चालू हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से यात्रियों को तेज, सुरक्षित और समयबद्ध रेल सेवाएं मिलेंगी, साथ ही मालगाड़ियों की आवाजाही भी आसान होगी।
प्रदेश में गेज परिवर्तन की महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। देवगढ़ मदारिया–नाथद्वारा (82.54 किमी) गेज परिवर्तन परियोजना मेवाड़ और मारवाड़ क्षेत्र के लिए बेहद अहम है। इसके पूरा होने से देशभर से नाथद्वारा आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।
इसके अलावा राजसमंद, पाली और उदयपुर जिले जुड़ जाएंगे, जिससे पर्यटन स्थानीय व्यापार व कृषि को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही नाथद्वारा–नाथद्वारा टाउन (9.6 किमी) व हनुमानगढ़ बाईपास (1.7 किमी) परियोजना से ट्रेन को शहर के भीतर से जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे ट्रेनों की गति बढ़ेगी और रेलवे फाटक बंद रहने से जाम की समस्या कम होगी।
जयपुर के निवासी और जयपुर घूमने आने वाले लोगों के लिए भी खुशखबरी है। जयपुर मेट्रो का बहुप्रतीक्षित फेज-2 का कार्य वर्ष 2026 में शुरू होने वाला है, जो गुलाबी नगरी के नए इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा। जयपुर मेट्रो फेज-2 की कुल लंबाई 42.80 किलोमीटर होगी। डीपीआर में विद्याधर नगर टोड़ी मोड से प्रहलादपुरा रिंग रोड तक कुल 36 स्टेशन प्रस्तावित है। इनमें से 34 एलिवेटेड और 2 अंडरग्राउंड होंगे।
इससे रोजाना सफर करने वाले लोगों को जाम से राहत मिलेगी और समय की बचत होगी। जयपुर के साथ-साथ उदयपुर, कोटा और जोधपुर जैसे बड़े शहरों में भी मेट्रो सेवाओं की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। यदि ये योजनाएं साकार होती हैं तो राजस्थान के शहरी परिवहन में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा।
साल 2026 राजस्थान में सड़क यातायात के लिहाज से भी खास रहेगा। इस वर्ष राज्य में आठ लेन, छह लेन, फोर लेन हाईवे, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और रिंग रोड परियोजनाओं से जुड़े कई कार्य पूरे होने की उम्मीद है। प्रमुख प्रोजेक्ट में दिल्ली-वडोदरा 8-लेन (एनएच-12 के साथ जंक्शन से मनोहरपुरा के पास पुल की शुरुआत तक) के फरवरी, टोंक रोड (NH-52) से अजमेर रोड सेक्शन (NH-48) तक जयपुर रिंग रोड (NH-148C) पर 2 इंटरचेंजों के निर्माण कार्य मार्च माह तक पूरे होने की उम्मीद है।
NH-52 के जयपुर-रींगस-सीकर खंड पर 7 स्थानों पर ब्लैकस्पॉट का सुधार अप्रेल, एनएच-68 के गांधव-सांचोर खंड के रानीवाड़ा सर्कल सांचोर शहर में 4 लेन एलिवेटेड रोड का निर्माण जुलाई, NH-27 के पिंडवाड़ा-उदयपुर खंड पर किमी 692 से किमी 765 तक ओवरले/सुदृढ़ीकरण जुलाई, राजस्थान सीमा फतेहपुर सालासर खंड पर अतिरिक्त 4-लेन का निर्माण अगस्त माह तक पूरा होने का दावा संबंधित अधिकारियों ने किया है।
राजस्थान में एनएच-758 के राजसमंद-भीलवाड़ा खंड पर 4 ब्लैकस्पॉट्स का सुधार सितंबर, राजस्थान में एनएच-58 (पुराना एनएच-08) के गोमती चौराहा-उदयपुर खंड पर 04 ब्लैकस्पॉट्स का सुधार सितंबर, NH-27 के कोटा-बारां खंड के किमी 1080.263 से 1184.322 तक 4 लेन का सुदृढ़ीकरण और ओवरले का कार्य अक्टूबर, NH-148डी के गुलाबपुरा - उनियारा खंड पर किमी 69.267 से किमी 282.936 तक पक्के कंधे सहित दो लेन का सुदृढ़ीकरण एवं ओवरले निर्माण कार्य अक्टूबर 2026 तक पूरा हो जाएगा। इसके अलावा प्रदेश में कई नए 4 लेन हाईवे का निर्माण कार्य भी इस साल शुरू होना है।
Updated on:
05 Jan 2026 07:34 pm
Published on:
05 Jan 2026 06:59 pm
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