
राजस्थान पत्रिका के संस्थापक श्रद्धेय कर्पूर चन्द्र कुलिश जन्मशती मनाई जा रही है।
Kulishji birth centanary: मैंने कुलिशजी को पत्रकारिता में हमेशा गुरु माना। गुरु किसे कहते हैं? जिनसे हम सीखते हैं। जो सिखाते हैं, उन्हें हम शिक्षक कहते हैं। मैंने कुलिशजी से सीखा और सीखता रहा। तब भी जब मैं पत्रिका से जनसत्ता में जा चुका था। कुलिशजी के निधन पर मैंने जनसत्ता में लेख लिखा - “एक गुरु का जाना”।
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कर्पूर चंद्र कुलिश जन्मशती वर्ष
