
Lift Accidents in India 2025 : प्रतीकात्म फोटो | डिजाइन - पत्रिका
Lift Accidents in India 2025 : जिस लिफ्ट को हम तेज रफ्तार से ऊपर-नीचे आने-जाने के लिए इस्तेमाल करते हैं वो कई बार मौत का कारण बन जाता है। हालही में गुजरात के नवसारी जिले में 5 साल के मासूम की मौत लिफ्ट में फंसने के कारण हो गई। रेस्क्यू टीम करीब एक घंटे तक मशक्कत करती रही लेकिन, बच्चे को बचा नहीं सकी। ये कोई पहला मामला नहीं है। केवल वर्ष 2025 की बात करें तो ऐसे कई केस सामने आ चुके हैं।
केस 1- गुजरात के नवसारी जिले में 5 साल के मासूम की मौत 25 अगस्त को लिफ्ट में फंसने के कारण हुई।
केस 2- हैदराबाद में 6 साल के मासूम की मौत 22 फरवरी को लिफ्ट में फंसने के कारण हुई।
केस 3- हैदराबाद में 4 साल के बच्चे की मौत 13 मार्च को लिफ्ट में फंसने के कारण हुई।
इतना ही नहीं, लिफ्ट में फंसने की घटना आए दिन सामने आती रहती है। ये सारी घटनाएं कहीं ना कहीं सुरक्षा पर सवाल खड़ा करती हैं। इन सवालों के जवाब जानने के लिए हमने राकेश कुमार, लिफ्ट इंजीनियर से बातचीत की, जो करीब 20 साल से काम कर रहे हैं। उन्होंने कुछ चीजें बताई हैं जिसपर ध्यान देना आवश्यक है।
राकेश कुमार ने बताया कि भारत में लिफ्ट में होने वाले हादसे लोगों की लापरवाही, जागरूकता की कमी, ठोस कानून और मेंटनेंस की कमी आदि के कारण होते हैं। इन हादसों को टालने या बचाव के लिए हमें हर लेवल पर सुधार करने की आवश्यकता है।
राकेश कहते हैं कि भारत में लिफ्ट इंस्टॉल कराने को लेकर कोई ठोस कानून नहीं है। कुछ ही राज्यों में कानून हैं, बाकी जगहों पर नेशनल बिल्डिंग कोड 2016, पार्ट 4 - फायर और लाइफ सेफ्टी, द फैक्ट्रीज एक्ट, 1948, सीपीडब्ल्यूडी, ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड आदि के आधार पर लिफ्ट लगाया जाता है। इसके लिए अगर सभी राज्यों के लिए कानून बन जाए तो बेहतर होगा।
अगर लिफ्ट गिरने लगे तो ऐसे में आपको घबराना नहीं है और ना ही दरवाजा खोलने की कोशिश करें। इससे आपकी जान जा सकती है।
अगर अचानक पावर कट हुआ तो लिफ्ट में फंस सकते हैं। ऐसी आपातकालीन स्थिति से बचने के लिए ऑटोमेटिक रेस्क्यू डिवाइस कारगर हैं। इसके कारण लिफ्ट में फंसने के चांसेज ना के बराबर हो जाता है। इसे लगाया जाना चाहिए।
Published on:
28 Aug 2025 01:16 pm
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