
MNREGA success story (Photo source- Patrika)
कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड के रामफल की कहानी यह दिखाती है कि संसाधनों की कमी कभी भी इच्छाशक्ति और मेहनत के मार्ग में बाधा नहीं बन सकती। पहले मनरेगा के तहत दिहाड़ी मजदूरी करने वाले रामफल ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से बने पशु शेड की मदद से गौपालन व्यवसाय शुरू किया। आज वे न सिर्फ आत्मनिर्भर हैं बल्कि अपनी आमदनी और समाज में सम्मान भी बढ़ा चुके हैं। यह कहानी ग्रामीणों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
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